- अलीगढ़ के हार्डवेयर कारोबारी सलाउद्दीन की शक्ल अंदाज समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलते-जुलते हैं
- सलाउद्दीन ने अपनी वेशभूषा, चाल-ढाल और बालों की स्टाइल भी अखिलेश यादव की तरह बना ली है
- स्थानीय लोग उन्हें 'अखिलेश भैया' कहकर बुलाने लगे हैं और वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में काफी लोकप्रिय हो गए हैं
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नई चर्चा जोरों पर है, और यह चर्चा किसी चुनावी वादे की नहीं बल्कि एक चेहरे की है. अलीगढ़ जिले के एक शख्स की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं, जिनकी शक्ल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से हूबहू मिलती है.
कौन हैं सलाउद्दीन?
वायरल हो रहे इस शख्स का नाम सलाउद्दीन है. वह अलीगढ़ के शाहजमाल तेलीपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं और पेशे से एक हार्डवेयर कारोबारी हैं. सलाउद्दीन न केवल शक्ल-सूरत में अखिलेश यादव जैसे दिखते हैं, बल्कि अब उन्होंने अपनी वेशभूषा, चाल-ढाल और बात करने का अंदाज़ भी पूरी तरह अखिलेश की तरह ढाल लिया है.
अखिलेश यादव से समानता
सलाउद्दीन की मुस्कान, आंखों की बनावट और चेहरे की कटिंग अखिलेश यादव से काफी मिलती-जुलती है. वह अब अक्सर सफेद कुर्ता-पायजामा, लाल टोपी और लाल गमछे में नज़र आते हैं. बताया जा रहा है कि सलाउद्दीन अब अपने बाल भी अखिलेश यादव की स्टाइल में ही सेट करवा रहे हैं.
'अखिलेश भैया' के नाम से हुए मशहूर
स्थानीय लोग अब उन्हें सलाउद्दीन के बजाय 'अखिलेश भैया' या 'अलीगढ़ के अखिलेश' कहकर पुकारने लगे हैं. बाजार हो या कोई सार्वजनिक कार्यक्रम, लोग उन्हें देखते ही ठिठक जाते हैं और सेल्फी लेने की होड़ मच जाती है. सलाउद्दीन खुद भी समाजवादी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और अपनी इस नई पहचान का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं.
चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी!
सलाउद्दीन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने उन्हें सम्मानित करने के लिए बुलाया था. चर्चा है कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में सलाउद्दीन समाजवादी पार्टी के लिए प्रचारक की भूमिका में नज़र आ सकते हैं. पार्टी उन्हें रैलियों और जनसभाओं में भीड़ जुटाने और माहौल बनाने के लिए उपयोग कर सकती है.
अखिलेश यादव से मुलाकात की आस
सलाउद्दीन का सबसे बड़ा सपना अपने आदर्श अखिलेश यादव से व्यक्तिगत रूप से मिलना है. हालांकि, लखनऊ बुलाए जाने के बावजूद अभी तक उनकी सीधी मुलाकात नहीं हो पाई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही असली और हमशक्ल अखिलेश एक ही फ्रेम में नज़र आ सकते हैं.














