देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों के बीच सुपरहिट साबित हो रही है. कामाख्या (KYQ) से हावड़ा (HWH) के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर (ट्रेन नंबर 27576) की पहली कमर्शियल यात्रा के लिए टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही घंटों में सभी सीटें फुल हो गईं. रेलवे के मुताबिक, इस नई सेवा के लिए PRS और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए टिकट आरक्षण की विंडो खुलते ही यात्रियों ने तेजी से टिकट बुक कर लिए. बुकिंग इतनी तेज रही कि 24 घंटे से भी कम समय में सभी क्लास में टिकट पूरी तरह बिक गए.
19 जनवरी को खुली बुकिंग, कुछ ही घंटों में फुल
इस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग 19 जनवरी 2026 को सुबह 08:00 बजे शुरू हुई थी. लेकिन लोगों में उत्साह इस कदर था कि कुछ ही घंटों में सीटें फुल हो गईं. रेलवे का कहना है कि यह रिस्पॉन्स साफ दिखाता है कि यात्री अब तेज, सुरक्षित और आरामदायक रेल यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं.
22 जनवरी से कामाख्या, 23 से हावड़ा से चलेगी ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली कमर्शियल यात्रा 22 जनवरी 2026 से कामाख्या स्टेशन से शुरू होगी. वहीं, हावड़ा से इसका संचालन 23 जनवरी 2026 से किया जाएगा. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली इस ट्रेन का उद्घाटन 17 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
कब तक की सीटें फुल, कब की मिलेगी टिकट
22 जनवरी से शुरू होने वाली इस ट्रेन में हावड़ा से कामाख्या के लिए 22 जनवरी को सभी श्रेणी की सीटें फुल हैं. फर्स्ट क्लास में तो 2 फरवरी तक सीटें फुल हैं. मंगलवार रात 8 बजे जब हमने IRCTC की वेबसाइट पर चेक किया तो...
- 3AC में 24 जनवरी तक सीटें फुल हैं. 25 जनवरी को करीब 250 सीटें एवलेबल है. 26 जनवरी को 74, जबकि 27 जनवरी को 293 सीटें एवलेबल दिख रही हैं.
- 2AC में 23 जनवरी तक सीटें फुल हैं. 24 जनवरी को 26 सीटें एवलेबल है. 25 जनवरी को 36, जबकि 27 जनवरी को 71 सीटें एवलेबल दिख रही हैं. 26 जनवरी को सीटें फुल हैं.
आप रेलवे के टिकट रिजर्वेशन काउंटर से वंदे भारत स्लीपर की टिकट बनवा सकते हैं. काउंटर के अलावा IRCTC के ऐप या वेबसाइट पर आप ऑनलाइन टिकट बना सकते हैं. वहीं रेल-वन ऐप या दूसरे ऐसे ही ऐप से भी आप टिकट बना सकते हैं.
क्यों खास है वंदे भारत स्लीपर?
रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन यात्रियों को मॉडर्न सुविधाएं, बेहतर यात्रा समय और वर्ल्ड-क्लास ओवरनाइट ट्रैवल एक्सपीरियंस देने के लिए डिजाइन की गई है. स्लीपर वर्जन होने के कारण यह ट्रेन खासतौर पर रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहतर विकल्प मानी जा रही है.
रेलवे का कहना है कि कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इससे न सिर्फ यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी, बल्कि लोगों को तेज विकल्प भी मिलेगा.
रेलवे ने बताया कि पहली ही कमर्शियल रन के लिए टिकटों का इतनी जल्दी बिक जाना इस बात का संकेत है कि यात्रियों के बीच नई पीढ़ी की आधुनिक ट्रेन सेवाओं को लेकर भरोसा और उत्साह लगातार बढ़ रहा है. इसे क्षेत्र के लिए प्रीमियम रेल कनेक्टिविटी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है.














