क्या आपने कभी अपने LPG गैस सिलेंडर के ऊपर लिखे अल्फाबेट A, B, C, D और उनके साथ लिखे नंबर देखकर सोचा है कि कहीं यह 'एक्सपायरी डेट' तो नहीं? तो चलिए आज जानते हैं इस सच्चाई के बारे में. असल में, ये अल्फाबेट सिलेंडर की सुरक्षा री-टेस्टिंग की तारीख को दर्शाते हैं, न कि इसकी एक्सपायरी डेट को. हर LPG सिलेंडर की एक तय समय बाद सुरक्षा के मद्देनजर फिर से जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.
A, B, C, D का मतलब
LPG सिलेंडर पर लिखा कोड दो हिस्सों में होता है, जैसे B25 या C19. पहला हिस्सा अल्फाबेट (A, B, C या D) होता है, जो साल के क्वार्टर यानी तिमाही को दर्शाता है और 'नंबर' वाला दूसरा हिस्सा साल को दर्शाता है. ये कोड बताता है कि 'किस साल की कौन-सी तिमाही में सिलेंडर को री-टेस्ट के लिए भेजा जाना है'.
- A : जनवरी – मार्च (पहली तिमाही)
- B : अप्रैल – जून (दूसरी तिमाही)
- C : जुलाई – सितंबर (तीसरी तिमाही)
- D : अक्टूबर – दिसंबर (चौथी तिमाही)
उदाहरण के लिए, C26 का मतलब है कि सिलेंडर की जांच जुलाई से सितंबर 2026 के बीच होनी है. B24 का मतलब है कि सिलेंडर की जांच अप्रैल से जून 2024 में होनी थी. इसी तरह, अगर आपके सिलेंडर पर B34 लिखा है, तो इसका मतलब है कि यह अप्रैल-जून 2034 के बीच री-टेस्ट के लिए तय है.
जब भी आपको नया सिलेंडर मिले, उस पर यह कोड जरूर देखें. अगर सिलेंडर अपनी री-टेस्टिंग तारीख से आगे निकल गया है, तो तुरंत अपने गैस एजेंसी को इसकी सूचना दें.
ब्लैक में सिलेंडर लेने से बचें
अगर आप ब्लैक में सिलेंडर खरीदते या रिफिल करवाते हैं, तो सावधान रहें. ऐसे सिलेंडरों की अक्सर सुरक्षा जांच नहीं की जाती, जिससे गंभीर हादसे होने की संभावना रहती है. इसलिए हमेशा ऑथोराइज एजेंसी से ही सिलेंडर लें, उसका कोड जांचें और सुरक्षित रहें.














