EPS पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: घर बैठे एक कॉल पर जमा होगा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, सर्विस एकदम फ्री

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ मिलकर एक मुफ्त डोर स्टेप सर्विस शुरू की है, जिसके तहत पोस्टमैन खुद पेंशनर्स के घर जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाएंगे.

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Free Digital Life Certificates: EPFO ने साफ किया है कि इस सेवा के लिए पेंशनर से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा.
नई दिल्ली:

EPS (Employees' Pension Scheme) पेंशन पाने वालों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली पहल शुरू की गई है. अब बुजुर्ग पेंशनर्स को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) जमा करने के लिए न बैंक जाना पड़ेगा, न EPFO ऑफिस और न ही स्मार्टफोन की जरूरत होगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ मिलकर एक मुफ्त डोर स्टेप सर्विस शुरू की है, जिसके तहत पोस्टमैन खुद पेंशनर्स के घर जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाएंगे.

EPFO ने EPS पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह नई सेवा शुरू की है. इसके तहत जिन पेंशनर्स का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा होना है, उनके घर पोस्टमैन या डाक सेवक आएंगे और वहीं पर सारी प्रक्रिया पूरी करेंगे.सबसे अहम बात यह है कि इस सेवा के लिए पेंशनर से एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा.

क्यों शुरू की गई यह सेवा? 

EPFO के 9 जनवरी 2025 के सर्कुलर के मुताबिक, कई EPS पेंशनर्स को टेक्नोलॉजी या चलने-फिरने में परेशानी होती है.

  • कई बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन नहीं होता.
  • कुछ लोग बायोमेट्रिक सेंटर या बैंक तक जाने में असमर्थ होते हैं
  • दूर-दराज इलाकों में बैंक या EPFO ऑफिस पहुंचना मुश्किल होता है.

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए EPFO ने IPPB के साथ मिलकर यह डोर स्टेप सुविधा शुरू की है, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन केवल प्रक्रिया की वजह से रुक न जाए.

क्या है  डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रोसेस 

इस योजना के तहत पोस्टमैन या डाक सेवक पेंशनर के घर आएंगे और वहीं आधार बेस्ड बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान वेरीफाई करेंगे. इसके बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को रजिस्टर किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और सरल तरीके से पूरी की जाएगी.

EPFO ने साफ किया है कि इस सेवा के लिए पेंशनर से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा. इसका खर्च EPFO खुद, अपने सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग एंड रिकॉर्ड सेंटर (CPPRC) के जरिए देगा.

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्या  है? 

  • डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, जिसे जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) भी कहा जाता है, एक ऑनलाइन प्रूफ होता है जिससे यह पुष्टि होती है कि पेंशनर जीवित है.
  • यह आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए बनाया जाता है.
  • एक बार जमा करने के बाद यह एक साल तक वैलिड रहता है और पेंशन बिना रुकावट मिलती रहती है.

EPS पेंशनर्स को मिलती है खास सुविधा

EPS पेंशनर्स के लिए राहत की बात यह है कि लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की कोई डेडलाइन नहीं होती. वे साल में किसी भी समय अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं.EPS-95 पेंशनर्स बैंक, CSC, पोस्ट ऑफिस, IPPB, EPFO ऑफिस, UMANG ऐप या अब पोस्टमैन के जरिए घर बैठे भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.

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घर पर विजिट कैसे बुक करें?

इस मुफ्त सेवा का लाभ लेने के लिए पेंशनर या उनके परिवार के सदस्य IPPB के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं. रिक्वेस्ट मिलने के बाद एक पोस्टमैन या डाक सेवक को असाइन किया जाएगा, जो तय समय पर पेंशनर के घर आकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की प्रक्रिया पूरी करेगा.

इस कदम के जरिए EPFO का लक्ष्य है कि कोई भी बुजुर्ग पेंशनर तकनीकी या शारीरिक परेशानी की वजह से अपनी पेंशन से वंचित न रह जाए. सरकारी सेवाएं सीधे उनके घर तक पहुंचे और बुजुर्गों को सम्मान और सुविधा दोनों मिलें.

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EPFO और IPPB की यह पार्टनरशिप EPS पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत है. अब घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाना उनके लिए आसान, सुरक्षित और पूरी तरह फ्री हो गया है.

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