भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, और धनतेरस 2025 की शुभ घड़ी नजदीक है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी नई कार घर लाते हैं. जहां कार निर्माता कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक छूट और बेनिफिट्स पेश कर रही हैं, वहीं यह जरूरी है कि आप अपनी नई कार की डिलीवरी लेने से पहले कुछ जरूरी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) चेक करें. इस खबर में आपको उन इंस्पेक्शन के बारे में जानकारी देते हैं.
एक्सटीरियर जांच
- कार को सीधे लाईट में ध्यान से देखें कि कहीं पेंट में कोई खरोंच, डेंट या खामी नहीं है.
- अलग-अलग पैनलों पर पेंट के शेड्स में कोई अंतर तो नहीं है.
- गाड़ी की सतह पर 'स्वर्ल मार्क्स' की जांच करें, जो खराब हैंडलिंग का संकेत हो सकते हैं.
इंजन और बैटरी
- हुड खोलें और इंजन ऑयल, कूलेंट और ब्रेक फ्लुइड के साथ सभी लिक्विड प्रोडक्ट्स के लेवल की जांच करें. लीकेज पर भी ध्यान दें.
- वेल्डिंग जोड़ों पर करीब से नजर डालें और किसी भी टूट-फूट दिखने पर तुरंत डीलरशिप स्टाफ को बताएं.
- बैटरी टर्मिनल पर जंग या कोई तार लूज तो नहीं है, इसकी जांच करें.
टायर और पहिए
- सभी टायर, जिसमें स्पेयर व्हील भी शामिल है, बिलकुल नए हैं. टायरों में हवा का प्रेशर ठीक हो.
AC और हीटर
- एयर कंडीशनर और हीटर दोनों को चालू करके देखें कि वे ठीक तरह से काम कर रहे हैं या नहीं. अजीब आवाजों के साथ स्मेल पर ध्यान दें.
इंटीरियर जांच
- इंटीरियर में दाग, खरोंच की जांच करें.
- सीट बेल्ट को पूरी तरह से बाहर खींचकर देखें कि यह नया है.
डॉक्यूमेंट्स और एक्सेसरीज
- ओनर मैनुअल, वारंटी कार्ड और बीमा के साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच करें.
- व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) और इंजन नंबर को अपने रिकॉर्ड से मिलाएं.
- देखें कि स्पेयर व्हील, जैक, टूलकिट, डुप्लीकेट चाबियां और दूसरी सभी एक्सेसरीज मौजूद हैं और सही काम कर रहे हैं.
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