Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अगर ओवर-स्पीड गाड़ी चलाई तो ऑनलाइन चालान कट जाएगा और सीधे आपके मोबाइल पर पहुंच जाएगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-709B) पर NHAI ने जो ANPR कैमरे लगाए हैं, उन्हें ट्रैफिक ई-चालान सिस्टम से जोड़ दिया गया है. यानी अब कोई भी गाड़ी जैसे ही स्पीड लिमिट क्रॉस करेगी, ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे में गाड़ी का नंबर दर्ज हो जाएगा और फिर ई-चालान वाहन मालिक के मोबाइल पर पहुंच जाएगा.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है. इस तकनीकी इंटीग्रेशन के बाद एक्सप्रेसवे पर नियमों को तोड़ने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है.
अब तक 1,000 से अधिक चालान जारी
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत एक्सप्रेसवे पर कैमरे की मदद से ओवर-स्पीडिंग (तेज रफ्तार) के मामलों को पकड़ा जा रहा है. सिस्टम इंटीग्रेट होने के बाद से अब तक 1,000 से अधिक चालान/नोटिस जारी किए जा चुके हैं. पुलिस का मानना है कि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर इस तरह की सख्त निगरानी से सड़क हादसों में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर क्या है स्पीड लिमिट?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों (बस-ट्रक) के लिए 80 किमी/घंटा तय की गई है. हालांकि, एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों और राज्यों की सीमाओं के अनुसार गति सीमा में बदलाव किए गए हैं.
- मुख्य एक्सप्रेसवे (सामान्य रूट) पर कार और हल्के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 100 किमी/घंटा, जबकि बस, ट्रक और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा है.
- दिल्ली सीमा के भीतर (अक्षरधाम के पास) कार और हल्के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 70 किमी/घंटा, जबकि बस, ट्रक और भारी वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा है.
- वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (देहरादून के पास 12 किमी का क्षेत्र) पर कार और हल्के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 60 किमी/घंटा, जबकि बस, ट्रक और भारी वाहनों के लिए भी यही लिमिट है.
कहां-कहां लगाए गए हैं ओवरस्पीड कैमरे?
दिल्ली-देहरादून रूट पर कई जगहों पर ओवरस्पीड कैमरे (Overspeed Camera) लगाए गए हैं. 4 जगहों के बारे में ट्रैफिक पुलिस ने मैप में भी दर्शाया है.
- दिल्ली-गाजियाबाद के पास: रूट की शुरुआत में (दिल्ली से आगे बढ़ने पर गाजियाबाद के नजदीक) पहला ओवरस्पीड कैमरा मार्क किया गया है.
- मध्य मार्ग (बागपत और शामली के ऊपरी हिस्से के पास): एक्सप्रेसवे के बीच के हिस्से में एक और ओवरस्पीड कैमरा लगाया गया है.
- मोहंड के पास (Near Mohand): शिवालिक पहाड़ियों के पास मोहंड क्षेत्र के नजदीक एक अन्य ओवरस्पीड कैमरा दर्शाया गया है.
- देहरादून के करीब (हरिद्वार और देहरादून के बीच): देहरादून पहुंचने से पहले, रुड़की/हरिद्वार क्षेत्र के पास एक और ओवरस्पीड कैमरा इंस्टॉल है.
अन्य नियमों पर भी पैनी नजर
केवल ओवर-स्पीडिंग ही नहीं, बल्कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस व्यवस्था को और विस्तार दे रही है. जल्द ही उन वाहनों की भी पहचान की जाएगी और कार्रवाई होगी जो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित हैं, यानी जिन गाड़ियों का इस एक्सप्रेसवे पर चलना मना है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी ANPR कैमरों को ई-चालान सिस्टम से जोड़ा जा चुका है. दिल्ली से जुड़ने वाले प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर इस तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैफिक नियमों का पालन करने में सुधार हो रहा है और सड़क अनुशासन को बढ़ावा मिल रहा है.
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