Bihar Power Subsidy Scheme : फ्री में मिलने वाली बिजली को लेकर बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) ने घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की गणना को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है. कंपनी के अनुसार मुफ्त यूनिट की गणना 30 दिनों की मासिक अवधि को आधार मानकर की जाती है. अगर बिलिंग अवधि 30 दिनों से अधिक या कम है, तो प्रो-राटा (आनुपातिक) पद्धति लागू होती है.
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30 दिन को मानक मानकर तय होती सीमा
BSPHCL की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अगर किसी उपभोक्ता का बिल 40 दिनों की अवधि का है और कुल खपत 200 यूनिट दर्ज हुई है, तो 125 यूनिट की मुफ्त सीमा सीधे लागू नहीं होगी. इसे प्रो-राटा आधार पर बढ़ाया या घटाया जाएगा. इसे तरह से उपभोक्ता समझ सकते हैं.
जैसे
125 × 40 ÷ 30 = 166.66 यूनिट
यानी 40 दिनों की अवधि में लगभग 167 यूनिट तक ऊर्जा शुल्क नहीं लगेगा.
बाकी शेष यूनिट पर देना होगा उपभोक्ता को शुल्क
अगर 40 दिनों में कुल खपत 200 यूनिट है, तो 167 यूनिट तक बिजली मुफ्त मानी जाएगी. बाकी बची 33 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क (विद्युत कर सहित) और फिक्स्ड चार्ज उपभोक्ता को भुगतान करना होगा.
इसके अलावा, स्वीकृत भार के 75 प्रतिशत या निर्धारित फिक्स्ड चार्ज-दोनों में जो अधिक होगा.वह पूरी बिलिंग अवधि के लिए देय रहेगा.
यहां जानिए प्रो-राटा क्या है?
प्रो रेटा (Pro Rata) का अर्थ है ‘आनुपातिक' या ‘अनुपात के अनुसार'. यानी जितने दिन की बिलिंग अवधि होगी. उसी अनुपात में मुफ्त यूनिट की गणना की जाएगी. यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को निष्पक्ष लाभ देने के उद्देश्य से लागू की गई है.
1 अगस्त 2025 से लागू जारी है यह योजना
बिहार सरकार ने 1 अगस्त 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना लागू की हुई है. इसका लाभ जुलाई 2025 की खपत वाले बिल से मिलना शुरू हो गया है.
उपभोक्ताओं को लाभ
- हर महीने 125 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त.
- 125 यूनिट से कम खपत पर बिल ‘शून्य'.
- लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को लाभ.
- स्मार्ट प्रीपेड और पोस्टपेड, दोनों उपभोक्ता शामिल.
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता अपने बिजली बिल में दर्ज बिलिंग अवधि (दिनों की संख्या) और कुल यूनिट खपत को ध्यान से देखें। मुफ्त बिजली का लाभ पूरी तरह बिलिंग अवधि पर निर्भर करता है.
BSPHCL के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और योजना का लाभ सही तरीके से हर पात्र उपभोक्ता तक पहुंचाना है, ताकि ज्यादा से ल्यादा उपभोक्ता इसका लाभी उठा सके.














