दूरदर्शन से बॉलीवुड को काफी ऐसे एक्टर्स मिले हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबी पारी खेली है. जिसमें शाहरुख खान से लेकर तमाम एक्टर्स का नाम शामिल हैं. एक दौर था जब दूरदर्शन को हर घर में देखा जाता था. छोटे शहरों में या तो गांवो में आज भी लोगों की पहली पसंद दूरदर्शन बना हुआ है. इसके अलावा दूरदर्शन ने काफी ऐसे शोज बनाए हैं, जिन्होंने एक इतिहास रचा है. जिनको दर्शक आज भी अपने परिवार के साथ बैठकर देखते हैं. रजत कपूर बॉलीवुड के वो एक्टर हैं, जिन्होंने छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक अपनी एक खास पहचान बनाई है. आज रजत कपूर (Rajat Kapoor) को थिएटर एक्टर के तौर पर जाना जाता है. हाल ही में रजत कपूर ने अपने पुराने शो ब्योमकेश बक्शी (Byomkesh Bakshi) के बारे में NDTV से काफी ऐसी बात कही जो अभी तक शायद ही किसी को पता हो. आखिर उन्होंने ऐसा क्या कहा है, चलिए आपको बताते हैं.
पिछले 40 साल
एक्टर रजत कपूर ने कहा कि अगर मैं अपने अभी तक के पूरे करियर की बात करूं तो इतनी सारी बातें हैं कि समय कम पड़ जाएगा. लेकिन मैंने जितना भी काम किया है, उसका मेरा एक्सपीरियंस काफी शानदार रहा है. मैं हमेशा अपने आप को टटोलने की कोशिश करता हूं. इसके अलावा मैं हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश करता हूं. यहां तक की अभी भी मैं वह करने की कोशिश कर रहा हूं जो मैंने अभी तक किया नहीं है. मैं रंगमंच से पिछले 40 सालों से जुड़ा हुआ हूं. मैं अभी भी थिएटर प्लेज करता हूं. जो रंग मंच से प्यार करता है, उसको रंगमंच ही सेटिस्फाई कर सकता है और वह बात सिर्फ एक थिएटर एक्टर ही समझ सकता है. एक्टर ने आगे कहा कि अपने शो ब्योमकेश बख्शी की बात करूं तो वसु जी ने इसकी 33 कहानीयां लिखी थीं. जिनको उन्होंने बंगाली भाषा से हिंदी में ट्रांसलेट किया था और वह हमेशा चाहते थे कि अगर इसको वह टीवी के लिए बनाएं तो बहुत ही शानदार तरीके से बनाएं. वह अपने काम को लेकर बहुत ही पार्टिकुलर रहते थे.
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दूरदर्शन पर 12-13 बार हुआ टेलीकास्ट
एक्टर ने कहा कि जब यह शो दूरदर्शन के लिए बनाया गया तो पहले वासु जी ने 13 कहानियों पर काम किया था. जिसके बाद उन्होंने बाकी की 20 कहानियों पर काम करना शुरू किया था. यह शो दो हिस्सों में बनाया गया था. वैसे तो इस शो में कोलकाता की पृष्ठभूमि दिखाई गई है, लेकिन ज्यादातर शो की शूटिंग मुंबई में ही हुई है. कोलकाता में सिर्फ बाहर के या तो शहर के या तो गलियों के कुछ शूट किए गए थे. एक्टर ने आगे कहा कि एक फिल्म भी आई थी जो ब्योमकेश बक्शी पर आधारित थी. जिसमें सुशांत सिंह राजपूत नजर आए थे. उस फिल्म में कुछ अलग ही दिखाया गया था. अगर मेकर्स इस चीज को फिर से रिपीट करते तो क्या मतलब होता, फिल्म को कौन देखता? जैसे 'देवदास' के काफी वर्जन आ चुके हैं. हर एक डायरेक्टर अपने दृष्टिकोण से चीजें बनाता है. यह शो पिछले 30 सालों में 12 से 13 बार दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हो चुका है. यह दूरदर्शन का पसंदीदा शो भी रह चुका है और आज की पीढ़ी भी इस शो को बड़े दिलचस्पी से देखती है. अब मुझे इतना नहीं पता कि यह शो दूरदर्शन के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर है या नहीं. लेकिन दूरदर्शन के दर्शकों का शो को बहुत प्यार मिला है.
दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हो रहे
अगर दूरदर्शन की सीरियल की बात करें तो इन दिनों 'ऑफिस ऑफिस 2' चैनल पर टेलीकास्ट हो रहा है और जिसको दर्शक देख भी रहे हैं. बता दें, अगर दूरदर्शन के ऐतिहासिक सीरियलों की बात करें 'महाभारत', 'रामायण', 'बुनियाद', 'हम लोग' जैसे तमाम शोज के नाम शामिल हैं. साल 1984 में शुरू हुआ भारत का पहला शो 'हम लोग' और 'बुनियाद' यह एक पारिवारिक ड्रामा था, जिसको हर घर में पसंद किया गया था. इसके अलावा 'मालगुडी डेज' और 'फौजी' भी दर्शकों की पहली पसंद रहे हैं. 'फौजी' में शाहरुख खान ने टेलीविजन पर अपने करियर की शुरुआत की थी. जिसके बाद एक्टर का फिल्मी करियर सातवें आसमान पर पहुंच गया था. रामानंद सागर के निर्देशन में बना 'रामायण' आज भी टेलीविजन के इतिहास में सबसे लोकप्रिय शो माना जाता है. इसके अलावा 'चाणक्य', 'भारत एक खोज', 'विक्रम और बेताल' जैसे तमाम शोज हैं, जो आज भी दर्शकों की पहली पसंद बना हुआ है.
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