आजकल सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करना आम बात है. आप और हम ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है. चाहे वह सेल्फी हो, परिवार के साथ तस्वीर हो या किसी कैफे या बालकनी से ली गई फोटो, हम बिना ज्यादा सोचे उसे पोस्ट कर देते हैं. लेकिन अब एक ऐप ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं वे अपनी जानकारी जरूरत से ज्यादा तो शेयर नहीं कर रहे! हर बार जब आप ऑनलाइन फोटो पोस्ट करते हैं, तो हो सकता है आप उससे ज्यादा जानकारी दे रहे हों जितना आप सोचते हैं. क्योंकि एक ऐप है जिसने फोटोज़ पोस्ट करने की हमारी खुशी को चिंता में बदल दिया है.
क्या है GeoSpy AI?
इस ऐप का नाम है GeoSpy AI है, इस AI ऐप ने लोगों की चिंता बढ़ी दी है. क्योंकि यह टूल बिना किसी मेटाडेटा या लोकेशन टैग के भी फोटो की लोकेशन पता कर सकता है.
GeoSpy AI कैसे काम करता है?
दरअसल, GeoSpy AI फोटो में दिखाई देने वाली चीजों का गहराई से विश्लेषण करता है. जैसे इमारतों की बनावट, सड़क का डिजाइन, पेड़-पौधे, आस-पास का माहौल या किसी गली का स्ट्रक्चर. इन सब संकेतों को जोड़कर यह अनुमान लगाता है कि तस्वीर कहां ली गई है. कई बार यह अनुमान इतना सटीक होता है कि यह सीधा स्ट्रीट लेवल तक पहुंच जाता है.
अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने अपनी फोटो से लोकेशन टैग बंद कर दिया है, तो उनकी तस्वीर सुरक्षित है. लेकिन GeoSpy AI जैसी तकनीक इस सोच को पूरी तरह चुनौती देती है. अब सिर्फ मेटाडेटा हटाना काफी नहीं है, क्योंकि तस्वीर खुद ही कई राज खोल सकती है.
इमैजिन कीजिए, आपने बालकनी से एक फोटो पोस्ट की और किसी ने उसी के आधार पर आपके घर का पता लगा लिया. यह स्थिति डरावनी हो सकती है!
इतना ही नहीं, यह ऐप प्रॉपर्टी डेटा से फोटो का मिलाकर और कई तस्वीरों को जोड़कर पैटर्न पहचान सकता है. इसका मतलब है कि अब सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि आपकी कई तस्वीरें मिलकर आपकी लोकेशन और लाइफस्टाइल के बारे में बहुत कुछ बता सकती हैं.














