सोशल मीडिया पर आजकल आपने देखा होगा कि सेलेब्स से लेकर आम लोगों तक सभी अपनी 2016 की पुरानी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं. साथ ही लिख रहे हैं '2026 is the new 2016'. आलिया भट्ट, करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर, खुशी कपूर और अनन्या पांडे जैसी एक्ट्रेसेज़ ने भी अपनी 2016 की थ्रोबैक तस्वीरें शेयर कीं. धीरे-धीरे ये ट्रेंड वायरल हो गया, लेकिन क्या आपको मालूम है कि आखिर सोशल मीडिया पर ये ट्रेंड शुरू कैसे हुआ? चलिए आपको बताते हैं कि आखिर 2026 is the new 2016 ट्रेंड है क्या.
दरअसल, इसका मतलब है कि लोग 2016 को एक बेहतर, सरल और ज्यादा स्थिर समय के रूप में याद कर रहे हैं. आज की तेज़, एल्गोरिदम-ड्रिवन और दबाव भरी डिजिटल दुनिया के मुकाबले 2016 लोगों को ज्यादा सुकून देने वाला दौर लगता है. इस ट्रेंड की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुआ, लेकिन जनवरी 2026 में यह तेजी से फैल गया. Instagram और Facebook से पहले इस ट्रेंड को सबसे पहले TikTok पर पॉपुलैरिटी मिली, जहां यूज़र्स ने अपने पुराने वीडियो और तस्वीरें शेयर करनी शुरू कीं.
इसके बाद यह ट्रेंड Instagram और Facebook जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच गया. देखते ही देखते यह एक ग्लोबल नॉस्टैल्जिया ट्रेंड बन गया, जिसमें अलग-अलग देशों के लोग अपनी 2016 की यादें साझा करने लगे.
इस ट्रेंड की सबसे खूबसूरत बात यही है कि लोग तस्वीरों से ज्यादा इमोशन पर ध्यान दे रहे हैं. 2016 की लगभग सभी तस्वीरें धुंधली सी और फिल्टर वाली हैं. क्योंकि उस वक्त के मोबाइल आज के हाई मेगापिक्सल वाले नहीं थे. लोग जानबूझकर ऐसी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, ताकि यह दिखा सकें कि उस समय जिंदगी कितनी सिंपल थी. न तो परफेक्ट एंगल की चिंता थी और न ही लाइक्स या व्यूज का दबाव. ये तस्वीरें एक तरह से उस दौर की सादगी और बेफिक्री की पहचान बन गई हैं.














