WhatsApp ने एक नया और कमाल का फीचर शुरू किया है, जिसका नाम है Group Message History. इस फीचर की मदद से जब कोई नया सदस्य किसी एक्टिव ग्रुप में जुड़ेगा, तो उसे पहले की बातचीत समझने में परेशानी नहीं होगी. जी हां, अक्सर ऐसा होता है कि नया मेंबर ग्रुप में जुड़ने के बाद कन्फ्यूज़ हो जाता है और उसे बार-बार दूसरों से पूछना पड़ता है कि पहले क्या बात हुई थी. अब इस नई सुविधा के जरिए नया मेंबर आसानी से हाल की बातचीत देख सकेगा और तुरंत समझ पाएगा.
Group Message History नया फीचर
इस नए फीचर के तहत, जब किसी नए सदस्य को ग्रुप में जोड़ा जाएगा, तो ग्रुप के मेंबर्स के पास एक ऑप्शन होगा कि वे हाल के 25 से 100 मैसेज तक की चैट हिस्ट्री उसे भेज सकते हैं. यानी पूरा पुराना रिकॉर्ड शेयर नहीं होगा, बल्कि सिर्फ हाल की जरूरी बातचीत ही दिखाई जाएगी.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह हिस्ट्री अपने आप शेयर नहीं होगी. ग्रुप में मौजूद किसी सदस्य को खुद यह ऑप्शन चुनकर मैसेज हिस्ट्री भेजनी होगी. जब पुराने मैसेज नए मेंबर को दिखाए जाएंगे, तो वे सामान्य चैट से अलग तरीके से दिखाई देंगे. उनमें टाइमस्टैम्प और भेजने वाले का नाम भी लिखा होगा, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न हो.
प्राइवेसी रहेगी बरकरार
इस फीचर में प्राइवेसी और ट्रांसपेरेंसी का खास ध्यान रखा गया है. जब भी किसी नए सदस्य को पुराने मैसेज भेजे जाएंगे, तो ग्रुप के सभी लोगों को इसकी जानकारी मिल जाएगी. इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी बातचीत चुपचाप या बिना बताए शेयर न हो.
साथ ही, ग्रुप एडमिन के पास यह अधिकार भी रहेगा कि वह चाहे तो Group Message History फीचर को पूरी तरह बंद कर सकता है. यह विकल्प खास तौर पर उन ग्रुप्स के लिए उपयोगी हो सकता है, जहां प्राइवेसी बहुत महत्वपूर्ण है, जैसे ऑफिस या निजी चर्चा वाले ग्रुप.
बता दें, पिछले महीने भी WhatsApp ने ग्रुप चैट को बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स जोड़े थे, जैसे मेंबर टैग, टेक्स्ट स्टिकर और इवेंट रिमाइंडर. इससे साफ है कि कंपनी ग्रुप चैट अनुभव को ज्यादा उपयोगी और आकर्षक बनाने पर ध्यान दे रही है.














