दुनिया के कई देशों में WhatsApp पहले से ही बैन है और अब इस लिस्ट में रूस का नाम भी जुड़ गया है. रूस ने हाल ही में WhatsApp पर बैन लगा दिया. रूस की सरकार का कहना है कि WhatsApp ने स्थानीय कानूनों का पालन नहीं किया. रिपोर्ट्स के अनुसार विवाद का मुख्य मुद्दा डेटा को देश के भीतर स्टोर करने से जुड़ा है. रूस चाहता है कि उसके नागरिकों का डेटा उसके अपने सर्वर पर ही रखा जाए. चलिए जानते हैं कि अब इस पर WhatsApp ने क्या जवाब दिया.
WhatsApp का जवाब
WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने इस बैन को सेंसरशिप बताया है. कंपनी का कहना है कि रूसी सरकार लोगों को एक सरकारी मैसेजिंग ऐप की तरफ धकेलना चाहती है. Meta ने आरोप लगाया कि यह कदम लोगों की निजी और सुरक्षित बातचीत को सीमित करने के लिए उठाया गया है.
अब यहां जानिए कि सिर्फ रूस ही नहीं बल्कि कई और ऐसे देश हैं जहां WhatsApp को बैन कर रखा है:-
चीन में लंबे समय से WhatsApp पूरी तरह ब्लॉक है क्योंकि यहां विदेशी मैसेजिंग ऐप्स पर रोक है और लोग इसके बजाय स्थानीय ऐप जैसे WeChat का यूज़ करते हैं. उत्तर कोरिया में भी WhatsApp सहित अन्य प्रमुख ऐप्स पर रोक है क्योंकि वहां इंटरनेट बेहद नियंत्रित है. सीरिया जैसे कुछ देशों में भी WhatsApp या उससे जुड़ी सेवाओं को प्रतिबंधित किया गया रहा है. वहीं, पुराने समय में ईरान ने भी कुछ समय के लिए WhatsApp पर प्रतिबंध लगाया था.
कुछ देशों में WhatsApp पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन इसके वॉयस और वीडियो कॉलिंग फीचर पर रोक है. जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर (Qatar) में ऐसे नियम लागू हैं जहां टेक्स्ट मैसेजिंग की अनुमति है लेकिन VoIP कॉलिंग पर पाबंदी होती है. वैसे ही मिस्र और जॉर्डन में भी व्हाट्सएप की कॉलिंग फंक्शन्स या कुछ सेवाओं पर नियंत्रण है.














