क्या है ये AI समिट? जिसके लिए पिचाई से लेकर डारियो तक, सब आ रहे हैं भारत

दुनिया में तीन बड़े टेक बाजार माने जाते हैं - अमेरिका, चीन और भारत. चीन का बाजार अमेरिकी कंपनियों के लिए लगभग बंद है.

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16 से 20 फरवरी तक दिल्ली में इंडिया India's AI impact Summit होने वाला है, ये टेक्नोलॉजी वर्ल्ड का अब तक का सबसे बड़ा प्रोग्राम माना जा रहा है. इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सुंदर पिचाई, डारियो अमोदेई, सैम ऑल्टमैन, जेनसन हॉन्ग, डेमिस हसाबिस, ब्लैक स्मिथ, एलेक्सेंडर वैंग और क्रिस्टिआनो अमॉन जैसे टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम शामिल हैं. इतनी बड़ी संख्या में टेक लीडर्स का एक साथ भारत आना अपने आप में ऐतिहासिक है.

आखिर भारत ही क्यों?
इसका सीधा जवाब है - बिजनेस. AI कंपनियां अपने मॉडल और सिस्टम विकसित करने में अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं. अब उन्हें अपने निवेश की भरपाई के लिए बड़े बाजार की जरूरत है. भारत अपनी विशाल इकोनॉमी के कारण AI टूल्स के लिए एक बड़ा अवसर बन चुका है. भारत में लाखों व्हाइट कॉलर कर्मचारी काम करते हैं. अगर AI का सबसे ज्यादा उपयोग ऑफिसों में होना है, तो भारत जैसी जगह कंपनियों के लिए सबसे बड़ा मौका है.

दुनिया में तीन बड़े टेक बाजार माने जाते हैं - अमेरिका, चीन और भारत. चीन का बाजार अमेरिकी कंपनियों के लिए लगभग बंद है. ऐसे में Google, OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के पास भारत और अमेरिका ही बड़े विकल्प बचते हैं.

भारत में 80 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स हैं और यहां IT सर्विस सेक्टर बहुत मजबूत है. यही वजह है कि AI कंपनियां यहां अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं. OpenAI ने भारत में अपना सेल्स डिवीजन बनाया है और तेजी से ग्राहकों की तलाश कर रहा है. वहीं Google और Microsoft पहले से भारत में मजबूत हैं और अब अपने AI प्रोडक्ट्स को आगे बढ़ा रहे हैं. हाल ही में गूगल ने भारत सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षा क्षेत्र में AI को बढ़ावा देने की पहल की है.

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