घर बैठे खुद पर ट्राय करें कपड़े! Google का ये AI फीचर दिखाएगा Online दिख रहा कपड़ा आप पर कैसा लगेगा

Google का यह फीचर एडवांस्ड AI मॉडल्स पर आधारित है. जब आप अपनी फोटो अपलोड करते हैं, तो AI आपके बॉडी शेप और साइज को समझता है और उसी के अनुसार कपड़े का वर्चुअल फिट तैयार करता है.

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Google ने हाल ही में अपना एक कमाल का फीचर लाने की घोषणा की है. इस फीचर से सबसे ज्यादा खुश ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोग होने वाले हैं. क्योंकि ये एक वर्चुअल अपैरल ट्राय ऑन फीचर होने है. इसका नाम होने वाला है ‘Try It On', जिससे आपकी ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाली कंफ्यूजन काफी हद तक कम हो जाएगी. चलिए बताते हैं कि ये फीचर आखिर काम कैसे करता है. 

कैसे काम करता है ‘Try It On' फीचर?
Google का यह ‘Try It On' फीचर इस्तेमाल करना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में Google Search या Google Shopping खोलें. इसके बाद जिस कपड़े को आप खरीदना चाहते हैं, जैसे शर्ट, पैंट, ड्रेस या जूते, उसे सर्च करें. अगर वह प्रोडक्ट इस फीचर के लिए एलिजिबल होगा, तो उसके साथ ‘Try It On' का आइकन दिखाई देगा. जैसे ही आप इस बटन पर टैप करते हैं, सिस्टम आपसे आपकी फोटो अपलोड करने को कहेगा. ध्यान रहे कि फोटो पूरी बॉडी की होनी चाहिए. फोटो अपलोड करते ही AI कुछ ही सेकंड में आपकी एक रियलिस्टिक इमेज बना देगा, जिसमें आप उस चुने हुए कपड़े को पहने हुए नजर आएंगे.

क्या है ‘Try It On' फीचर?
Google का यह फीचर एडवांस्ड AI मॉडल्स पर आधारित है. जब आप अपनी फोटो अपलोड करते हैं, तो AI आपके बॉडी शेप और साइज को समझता है और उसी के अनुसार कपड़े का वर्चुअल फिट तैयार करता है. यह टेक्नोलॉजी कपड़े के फैब्रिक, उसकी फोल्डिंग, स्ट्रेच और ड्रेपिंग को भी ध्यान में रखती है, ताकि रिजल्ट ज्यादा से ज्यादा रियल लगे. यह फीचर आपको बिना ट्रायल रूम गए यह दिखा देता है कि कपड़ा आप पर कैसा लगेगा.

कब आ रहा है  ‘Try It On' ?
इस फीचर को पहली बार मई में Google I/O इवेंट में पेश किया गया था और जुलाई में कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए शुरू किया गया था. अब इसे भारत में सभी के लिए Google के अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसे AI Mode, Google Shopping और Google Images के प्रोडक्ट रिजल्ट्स में इस्तेमाल किया जा सकता है.

Google ‘Try It On' फीचर के फायदे
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा भरोसेमंद हो जाएगी. ग्राहक पहले ही देख सकते हैं कि कपड़ा उन पर कैसा दिखेगा, जिससे गलत साइज या स्टाइल चुनने की संभावना कम हो जाएगी. इसी के साथ रिटर्न की दिक्कत भी घटेगी, जिससे ग्राहकों और सेलर्स दोनों का समय और मेहनत बचेगी. 

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