सावधान! साइबर अपराधी चुपके से इस्तेमाल कर रहे हैं आपके घर का इंटरनेट, FBI ने बताया बचने का तरीका

FBI ने सलाह दी है कि यूजर्स को अनजान वेबसाइट्स और ऐप्स से दूर रहना चाहिए. फ्री स्ट्रीमिंग, पायरेटेड कंटेंट और अनजान VPN सेवाओं से बचना जरूरी है.

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अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने लोगों को एक जरूरी चेतावनी दी है कि आजकल साइबर अपराधी घर के इंटरनेट कनेक्शन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इस नए तरीके में हैकर्स आपके इंटरनेट को अपने काम के लिए इस्तेमाल करते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि कोई गलत काम आपके ही IP एड्रेस से किया जा रहा है. इस प्रक्रिया को 'रेजिडेंशियल प्रॉक्सी नेटवर्क' कहा जाता है, जिसमें अपराधी किसी आम यूजर के इंटरनेट कनेक्शन के जरिए अपनी ऑनलाइन गतिविधियां चलाते हैं. इससे असली अपराधी को पकड़ना मुश्किल हो जाता है और निर्दोष व्यक्ति परेशानी में पड़ सकता है.

रेजिडेंशियल प्रॉक्सी क्या होता है?

रेजिडेंशियल प्रॉक्सी एक ऐसा सिस्टम होता है जो इंटरनेट के बीच में काम करता है और आपकी लोकेशन को छिपाकर किसी दूसरी जगह से कनेक्शन दिखाता है. इसमें असली IP एड्रेस का इस्तेमाल होता है, जो आपके घर के इंटरनेट से जुड़ा होता है.

यह प्रॉक्सी स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, राउटर और अन्य इंटरनेट से जुड़े डिवाइसेज पर आधारित होता है. जब ये डिवाइस हैक हो जाते हैं, तो अपराधी आपके इंटरनेट का इस्तेमाल अपने काम के लिए करने लगते हैं, और आपको इसकी जानकारी भी नहीं होती.

डिवाइस कैसे होते हैं हैक?

FBI के अनुसार, कई बार यूजर्स को पता ही नहीं चलता कि उनके डिवाइस हैक हो चुके हैं. इसका सबसे बड़ा कारण फ्री VPN ऐप्स होते हैं, जिनमें छिपी हुई शर्तें होती हैं और वे आपके इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल अपने नेटवर्क के लिए कर सकते हैं.

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इसके अलावा, पायरेटेड फिल्में, गेम्स या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना भी खतरनाक हो सकता है. ऐसे फाइल्स में मालवेयर छिपा होता है, जो आपके डिवाइस को चुपचाप हैक कर लेता है. अनऑफिशियल ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करना भी जोखिम भरा होता है.

कुछ ऐप्स 'पैसिव इनकम' का लालच देकर यूजर्स से उनका इंटरनेट शेयर करवाते हैं, लेकिन यह साफ नहीं बताते कि इसका इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा.

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हैकर्स इन प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने के लिए करते हैं. इससे वे फिशिंग, अकाउंट हैकिंग, मालवेयर फैलाने और डेटा चोरी जैसे काम आसानी से कर पाते हैं.

अगर कोई अपराधी आपके शहर के IP से लॉगिन करता है, तो सिक्योरिटी सिस्टम को शक भी नहीं होता. इसके अलावा, ये नेटवर्क फेक अकाउंट बनाने, स्पैम भेजने और बार-बार पासवर्ड ट्राय करने (ब्रूट फोर्स अटैक) के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं.

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कैसे रहें सुरक्षित?

FBI ने सलाह दी है कि यूजर्स को अनजान वेबसाइट्स और ऐप्स से दूर रहना चाहिए. फ्री स्ट्रीमिंग, पायरेटेड कंटेंट और अनजान VPN सेवाओं से बचना जरूरी है.

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अपने सभी डिवाइस को समय-समय पर अपडेट करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे सिक्योरिटी की कमजोरियां ठीक होती हैं. साथ ही, अपने घर के WiFi से जुड़े डिवाइस पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से बचें.

अगर आपको लगता है कि आपका डिवाइस हैक हो गया है, तो एंटीवायरस का इस्तेमाल करें. कुछ मामलों में पूरा सिस्टम रीसेट करना भी जरूरी हो सकता है.

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