हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक Apple ने पिछले साल कुल 851 मिलियन डॉलर यानी करीब अरब डॉलर के आस-पास का जुर्माना दिया. ये जुर्माना कंपनी को प्राइवेसी उल्लंघन और एंटीट्रस्ट नियमों को तोड़ने से जुड़े मामलों में लगाया गया था. खास बात यह है कि यह जुर्माना 2024 में दिए गए 2.1 बिलियन डॉलर के मुकाबले काफी कम है. इस रिपोर्ट में दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों पर लगे जुर्मानों के बारे में बताया गया.
बता दें, ये रिपोर्ट Proton नाम की कंपनी की हैं. इसमें दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों पर लगे जुर्मानों के बारे में बताया गया. Proton के डेटा के अनुसार, Apple पर कुल चार बार जुर्माना लगाया गया. इनमें से दो मामलों में कंपनी पर मार्केट पोजिशन का गलत फायदा उठाकर कॉम्पिटिटर्स को नुकसान पहुंचाने का आरोप था. वहीं, दो अन्य जुर्माने प्राइवेसी कानूनों के उल्लंघन से जुड़े थे. ये मामले अलग-अलग देशों और नियमों के तहत आए.
Proton के मुताबिक, Apple को पिछले साल लगे सभी जुर्माने चुकाने के लिए सिर्फ तीन दिन, तीन घंटे और 28 मिनट की फ्री कैश फ्लो की जरूरत पड़ी. आसान शब्दों में कहें तो Apple के लिए ये जुर्माने किसी बड़ी आर्थिक परेशानी की तरह महसूस ही नहीं हुए.
अगर दूसरी बड़ी टेक कंपनियों से तुलना करें, तो जुर्माने की रकम के मामले में Apple सबसे आगे नहीं रहा. Google पर सबसे ज्यादा 4.2 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगा, जबकि Amazon को 2.5 बिलियन डॉलर चुकाने पड़े. Meta पर कुल 228 मिलियन डॉलर का फाइन लगाया गया.
साल 2025 में पूरी Big Tech इंडस्ट्री पर कुल 7.8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया. यह आंकड़ा सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन Proton के अनुसार यह इन कंपनियों की संयुक्त मासिक कमाई से भी कम है. Proton का अनुमान है कि अगर सभी जुर्माने एक साथ चुकाए जाएं, तो बड़ी टेक कंपनियां सिर्फ 28 दिन और 48 मिनट में पूरी रकम अदा कर सकती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, Apple यूरोपीय यूनियन के Digital Markets Act के कुछ नियमों का अब भी विरोध कर रहा है, जबकि इसी से जुड़े मामलों में कंपनी पर पहले ही 500 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया जा चुका है.














