लैपटॉप पर काम करने वालों को अब ये क्लीयर हो चुका है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से उनकी नौकरियां खतरे में हैं. आज नहीं तो कल या फिर आने वाले कुछ सालों में AI उनकी नौकरी खत्म कर देगा. इसी बीच OpenAI के अंदर काम करने वाले एक कर्मचारी की ओर से चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे. इस OpenAI एम्प्लॉय का मानना है कि AI सबसे पहले रिसर्चर की नौकरियों को खत्म करेगा. यह दावा आम सोच के बिल्कुल उलट है, क्योंकि ज्यादातर लोग मानते हैं कि सबसे पहले तकनीकी या इंजीनियरिंग से जुड़ी नौकरियां खतरे में होंगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के मुताबिक रिसर्च का बड़ा हिस्सा आइडिया जनरेट करने, हाइपोथीसिस बनाने और अलग-अलग एक्सपेरिमेंट चलाने पर आधारित होता है. आज के AI सिस्टम इन सभी कामों में काफी तेज और सक्षम हो चुके हैं. AI कम समय में कई संभावनाएं निकाल सकता है, डेटा का विश्लेषण कर सकता है और नतीजे दे सकता है, जो इंसानों के लिए समय लेने वाला काम है. इसी वजह से सबसे पहले नौकली रिसर्चरों की जाएगी.
इंजीनियरियों की नौकरी सुरक्षित
वहीं, इसी पोस्ट में भी मेंशन है कि इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरों का काम AI के लिए अभी काफी चुनौतीपूर्ण है. AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने वाले सिस्टम बहुत बड़े, जटिल और गड़बड़ियों से भरे होते हैं. इन कोडबेस में कई ऐसे मामले होते हैं जो पब्लिक डेटा में मौजूद नहीं होते. छोटी-सी गलती भी बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है. ऐसे में भले ही AI कोड लिख सके, लेकिन इन सिस्टम्स को संभालना, सुधारना और ऑप्टिमाइज करना अभी भी इंसानों के लिए ही बेहतर है.
सेल्स टीम की भी नौकरी सलामत
सेल्स में भरोसा, रिश्ते, भावनाएं और इंसानी समझ सबसे अहम होती है. ग्राहक को मनाना, उसकी जरूरत समझना और भरोसे का रिश्ता बनाना ऐसे काम हैं, जिनमें AI अभी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है. इसी वजह से माना जा रहा है कि सेल्स से जुड़ी नौकरियां सबसे आखिर में AI से प्रभावित होंगी.














