एआई का इस्तेमाल करें, पर उसे अपना असिस्टेंट बनाएं, बॉस नहीं, ये रिपोर्ट चौंका देगी

समस्या सिर्फ आईटी सेक्टर तक नहीं है. सेल्स, लॉ और दूसरे पेशों से जुड़े लोग भी इसी लूप में फंसे हैं. एआई एक काम आसान करता है, तो उसके पीछे 10 छोटे काम और खड़े कर देता है.

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आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक ऐसे जादुई चिराग माना जा रहा है, जो पलक झपकते ही आपके घंटों का काम मिनटों में कर देता है. लेकिन एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो आपके माथे पर शिकन जरूर ले आएगी. अगर हम यह कहें कि एआई तकनीक आपकी दिमागी शांति को लील रही है? तो आप कहेंगे- ऐसे कैसे.

दरअसल हाल ही में आई यूसी बर्कले के रिसर्चर की एक रिपोर्ट ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है. इस स्टडी के अनुसार AI के इस्तेमाल से बढ़ी प्रोडक्टिविटी असल में कर्मचारियों के लिए बर्नआउट और टेंशन की नई वजह बन रही है.

काम बढ़ा या कम हुआ?

आमतौर पर कहा जाता है एआई काम का बोझ कम करेगा, लेकिन हकीकत इसके उलट ही दिख रही है. हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में आई इस रिपोर्ट के अनुसार, AI की वजह से काम करने की रफ्तार तो बढ़ी है लेकिन इसके साथ ही कंपनियों की उम्मीदें भी आसमान छूने लगी हैं. जो काम पहले एक हफ्ते में होता था, अब वह दो दिन में मांगा जा रहा है. नतीजा? कम लोग, कम समय और दोगुना काम. 200 टेक प्रोफेशनल्स पर की गई इस स्टडी में पाया गया कि एआई का लगातार इस्तेमाल कर्मचारियों में मानसिक थकान की स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे उनके फैसले लेने की क्षमता और काम की क्वालिटी गिर रही है.

पीछे का खेल क्या है?

रिपोर्ट में कई हैरान कर देने वाली बातों के बारे में पता चला है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स अब केवल कोड नहीं लिख रहे, बल्कि उन्हें एआई के जनरेट किए कोड को चेक करने पड़ रहे हैं. साथ ही कर्मचारी अब लंच ब्रेक या मीटिंग्स के बीच में भी एक आखिरी प्रॉम्प्ट डालने की कोशिश करते हैं. इससे दिमाग को मिलने वाला रिकवरी टाइम खत्म हो गया है. स्टडी में शामिल कई लोगों ने माना कि जब वो हर छोटी चीज के लिए एआई का सहारा लेते हैं, तो उनकी अपनी क्रिटिकल थिंकिंग की क्षमता कम होने लगती है. 

सिर्फ इंजीनियर्स ही नहीं, हर कोई परेशान

यह समस्या सिर्फ आईटी सेक्टर तक नहीं है. सेल्स, लॉ और दूसरे पेशों से जुड़े लोग भी इसी लूप में फंसे हैं. एआई एक काम आसान करता है, तो उसके पीछे 10 छोटे काम और खड़े कर देता है. सिलिकॉन वैली का जो इंजीनियर कभी अपनी कूल लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता था, आज वह सबसे ज्यादा तनाव में है.

क्या है इसका इलाज?

रिसर्चर ने इस AI ट्रैप से बचने के लिए तीन बड़े सुझाव दिए हैं. पहला यह कि काम के बीच में ब्रेक लें जिससे आप फ्रेश फील करते रहें. दूसरा अपने कामों को कैटेगराइज करें. एआई को अपना असिस्टेंट बनाएं, बॉस नहीं और तीसरा सारा दिन चैटबॉट से बात करने के बजाय अपने साथियों से बात करें.

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