पंजाब CM ने राज्य को दिया त्योहारों का तोहफा, 4150 करोड़ की लागत से ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत का किया ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कुल 30,237 लिंक सड़कें हैं, जिनकी कुल लंबाई 64,878 किलोमीटर है. इनमें से 33,492 किलोमीटर पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन हैं और 31,386 किलोमीटर सड़कें लोक निर्माण विभाग (पी.डब्लयू.डी.) के अधीन हैं.

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  • पंजाब के CM भगवंत मान ने 4150.42 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत का प्रोजेक्ट शुरू किया
  • इस प्रोजेक्ट के तहत 19491.56 किलोमीटर लंबी 7373 ग्रामीण लिंक सड़कों का उन्नयन और मरम्मत की जाएगी
  • मरम्मत और उन्नयन पर 3424.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे और पांच वर्षों की देखभाल पर 725.75 करोड़ रुपये
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तरनतारन:

त्योहारों के सीजन में प्रदेश की जनता को बड़ा तोहफा देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को 4,150.42 करोड़ रुपये की लागत से राज्य में 19,491.56 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन के लिए विशाल प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, विशेषकर पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्योंकि आज से ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य आरंभ किया जा रहा है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत अब इन लिंक सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक ठेकेदारों द्वारा उनकी देखरेख भी सुनिश्चित की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कुल 30,237 लिंक सड़कें हैं, जिनकी कुल लंबाई 64,878 किलोमीटर है. इनमें से 33,492 किलोमीटर पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन हैं और 31,386 किलोमीटर सड़कें लोक निर्माण विभाग (पी.डब्लयू.डी.) के अधीन हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब 19,491.56 किलोमीटर लंबाई वाली 7,373 लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन का प्रोजेक्ट शुरू कर रही है. इस प्रोजेक्ट पर 4,150.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें पांच वर्षों की देखरेख शामिल है. इसमें से 3,424.67 करोड़ रुपये मरम्मत और उन्नयन पर खर्च होंगे और 725.75 करोड़ रुपये पांच साल की देखभाल पर खर्च होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों की मरम्मत और उन्नयन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सारा कार्य पारदर्शी ढंग से होगा. उन्होंने बताया कि इन सड़कों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आइ.) सर्वेक्षण करवाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 383.53 करोड़ रुपये की बचत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार ‘‘सड़क बुनियादी ढाँचा विकास बैठक'' आयोजित की गई.

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