- पंजाब के लुधियाना जिले में विदेश जाने के सपने टूटने से एक 22 वर्षीय युवक ने रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या की।
- हरविंदर सिंह ने आईएलटीएस की कड़ी मेहनत से पढ़ाई पूरी की थी और विदेश में उच्च शिक्षा का सपना देखा था।
- युवक ने तीन बार वीजा आवेदन किया था लेकिन लगातार रिजेक्ट होने के कारण मानसिक दबाव में था।
लुधियाना: पंजाब के युवाओं में विदेश जाने की होड़ अब जानलेवा साबित होने लगी है. सपनों के टूटने का दर्द और असफलता की निराशा किस कदर हावी हो सकती है, इसका एक हृदयविदारक उदाहरण शनिवार सुबह जाखल-लुधियाना रेलवे लाइन पर देखने को मिला. यहां एक 22 वर्षीय युवक ने वीजा रिजेक्ट होने से परेशान होकर मौत को गले लगा लिया.
IELTS की पढ़ाई पूरी, पर किस्मत ने नहीं दिया साथ
मृतक की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ हैप्पी (22) के रूप में हुई है, जो दिड़बा थाना क्षेत्र के गांव सूलर का निवासी था. हरविंदर ने कड़ी मेहनत कर आईलेट्स (IELTS) की पढ़ाई पूरी की थी. उसका एक ही सपना था- विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना और अपना भविष्य संवारना.
तीन बार 'रिफ्यूजल' ने तोड़ दी हिम्मत
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, हरविंदर ने विदेश जाने के लिए तीन बार फाइल लगाई थी.लेकिन बदकिस्मती से तीनों ही बार उसका वीजा रिजेक्ट (रिफ्यूजल) हो गया. लगातार मिल रही असफलताओं ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था. वह पिछले काफी समय से डिप्रेशन से गुजर रहा था.
जीआरपी चौकी इंचार्ज सहायक थानेदार सरबजीत सिंह ने बताया कि शनिवार तड़के करीब 3 बजे हरविंदर गांव लखमीरवाला के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और एक अज्ञात ट्रेन के नीचे आकर जान दे दी. सुबह जब लोगों ने उसका शव देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई. सहायक थानेदार सरबजीत सिंह ने बताया, "मृतक के पिता गुरतेज सिंह के बयानों के आधार पर BNS की धारा 194 के तहत कार्रवाई की गई है. शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा."














