अमेरिकी कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ करना किसानों के साथ बड़ा धोखा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हमारे किसानों ने जून-जुलाई के महीने में कपास की बुआई कर दी है. किसानों ने कपास लगाने के लिए बीज, खाद और मजदूरी के लिए कर्ज लिया है. अब भारत के किसानों की कपास की फसल अक्टूबर-नवंबर में तैयार होगी.

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  • अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अमेरिकी कपास पर लगी 11 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी हटाने से किसानों के साथ धोखा हुआ है
  • अमेरिकी कपास की कीमत देश के किसानों की कपास से पंद्रह से बीस रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी
  • किसानों की कपास की कीमत घटकर नौ सौ रुपए प्रति मन से भी कम होने की संभावना है
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नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि अमेरिकी कपास पर लगने वाले 11 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी को माफ कर देश के किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है.  इससे अमेरिकी कपास की कीमत हमारे किसानों की कपास से 15-20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी और अब हमारे किसानों को कपास का दाम 900 रुपए प्रति मन से भी कम मिलेगा. हमारी मांग है कि केंद्र सरकार अमेरिकी कपास पर वापस 11 प्रतिशत ड्यूटी लगाए, किसानों को कपास पर 2100 रुपए प्रति 20 किलो एमएसपी व खाद-बीज पर सब्सिडी दे. रविवार को भारी बारिश के चलते चोटीला में होने वाली किसानों की महापंचायत स्थगित होने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में प्रेसवार्ता कर ये बातें कही.

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हमारे किसानों ने जून-जुलाई के महीने में कपास की बुआई कर दी है. किसानों ने कपास लगाने के लिए बीज, खाद और मजदूरी के लिए कर्ज लिया है. अब भारत के किसानों की कपास की फसल अक्टूबर-नवंबर में तैयार होगी. हमारे किसान सोच रहे रहे हैं कि अक्टूबर-नवंबर जब उनकी फसल तैयार होगी और उसे मंडी में लेकर जाएंगे और उसका अच्छा दाम मिलेगा. लेकिन किसानों को पता नहीं है कि केंद्र सरकार ने किस तरह किसानों के साथ धोखा किया है. अमेरिका में किसानों द्वारा उगाई गई कपास जब भारत में आती है तो उस पर अभी तक 11 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी. इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से अमेरिका की कपास भारत में आने पर हमारे किसानों द्वारा उगाई गई कपास से महंगी होती थी इसलिए हमारे देश के किसानों द्वारा उगाई गई कपास मंडी में आसानी से बिक जाती थी और अमेरिका से आने वाली कपास नहीं बिकती थी.

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह बड़ी दिलचस्प बात है कि अमेरिकी कपास पर सरकार द्वारा हटाई गई 11 फीसदी ड्यूटी के मुद्दे पर कांग्रेस चुप है. कांग्रेस को किसानों से कोई मतलब नहीं है और ना तो हीरा कारीगरों से कोई लेना देना नहीं है. कांग्रेस को तो भाजपा की नौकरी करनी है.

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