थाईलैंड की प्रिंसेस का फ्यूजन लुक, राजस्थानी कढ़ाई को थाई फैशन से मिलाकर बनाया इंटरनेशनल ब्रांड- देखें तस्वीरें
थाई राजकुमारी ने राजस्थान की पारंपरिक हस्तशिल्प और कढ़ाई को थाईलैंड के आधुनिक सिलुएट्स (आकृतियों) के साथ मिलाकर एक नया फैशन ट्रेंड पेश किया है. उन्होंने राजस्थानी कारीगरी को स्थानीय स्तर से उठाकर एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है, जिससे भारतीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली. हाल ही राजस्थान की 5 दिवसीय यात्रा में राजकुमारी ने परिधानों में ब्लॉक प्रिंटिंग और जरदोजी से बनी राजस्थानी छपाई और कढ़ाईदार साड़ी को थाई सिल्क के साथ बेहद आकर्षक ढंग से कैरी किया है
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थाई राजकुमारी ने राजस्थान की पारंपरिक हस्तशिल्प और कढ़ाई को थाईलैंड के आधुनिक सिलुएट्स (आकृतियों) के साथ मिलाकर एक नया फैशन ट्रेंड पेश किया है. -
थाई राजकुमारी ने राजस्थानी कारीगरी को स्थानीय स्तर से उठाकर एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है, जिससे भारतीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली. -
हाल ही राजस्थान की 5 दिवसीय यात्रा में राजकुमारी ने परिधानों में ब्लॉक प्रिंटिंग और जरदोजी से बनी राजस्थानी छपाई और कढ़ाईदार साड़ी को थाई सिल्क के साथ बेहद आकर्षक ढंग से कैरी किया है -
उनके इस 'रॉयल राजस्थान' लुक में शाही शान और थाईलैंड की रॉयल नजाकत दोनों ही बेहतरीन ढंग से छलक रही थी. जिसने फैशन डिजाइनरों का ध्यान अपनी ओर खींचा. -
इस पहल के जरिए उन्होंने राजस्थानी कसीदाकारी को बढ़ावा दिया है, जो मशीन से बने कपड़ों के मुकाबले पर्यावरण के अनुकूल और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है. -
लुक में राजस्थान के जीवंत रंगों (जैसे कोसरिया, गुलाबी और हरे) को थाईलैंड के 'पेस्टल' और 'न्यूट्रल' शेड्स के साथ बैलेंस किया गया है. -
फ़ैब्रिक के जरिए भारत-थाई कल्चरल रिश्तों का जश्न मनाते हुए उन्होंने कंटेम्पररी फ़्यूज़न साड़ी, जिसे थाई नेशनल आर्टिस्ट ने बहुत खूबसूरती से तैयार किया है. जिसमें राजस्थानी कढ़ाई की झलक मिल रही है. -
उनके इस फ्यूजन लुक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, जिसे लोग 'ईस्ट मीट्स वेस्ट' के बजाय 'ईस्ट मीट्स ईस्ट' का नाम दे रहे हैं.
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