'7 समंदर' लांघकर आए वे! देखिए माघ मेले की सबसे दिव्य तस्वीरें
प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ मेला की छटा है. कड़ाके की ठंड में सुबह सुबह श्रद्धालुओं की डुबकी से आस्था और उमंग की ऊष्मा निकल रही है. देश के कोने-कोने से माघ मेले में श्रद्धालु आ रहे हैं. वहीं त्रिवेणी में एक अनूठा नजारा भी देखने को मिल रहा है. संगमनगरी में करीब 5 हजार किलोमीटर दूर से मेहमान पहुंचे हैं.
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त्रिवेणी संगम पर इस साल भी साइबेरियन पक्षियों का बड़ा दल पहुंच गया है. माघ मेला 44 दिनों का धार्मिक आयोजन है. -
इस मौसम में संगम पर साइबेरियन सीगल के साथ-साथ बार-हेडेड और दुर्लभ पेरेग्रीन फाल्कन जैसी प्रजातियां देखी जाती हैं. -
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संगम पर ये मेहमान पक्षी लगभग 5 से 6 महीने तक रहते हैं, जिससे यह स्थल सर्दियों में जीवंत और जीवमय हो जाता है. -
तीन जनवरी को शुरू हुआ यह मेला 15 फरवरी को सम्पन्न होगा. इस दौरान लाखों भक्तों के संगम में पवित्र डुबकी लगाने की उम्मीद है. -
माघ मेला सदियों से एक ऐसा मंच रहा है, जहां साधु-संत तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन के अलग-अलग और अक्सर बहुत कठिन रूप दिखाते हैं. वे देश भर से तीर्थयात्रियों और भक्तों को आकर्षित करते हैं. -
माघ मेले में इस साल लाखों भक्तों के संगम में पवित्र डुबकी लगाने की उम्मीद है. -
पक्षियों के आने से नाविकों को भी अच्छी आमदनी होती है क्योंकि पर्यटक इनके मनोरंजन के लिए नाव की सवारी करते हैं.
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