विजय चौक पर महाभारत के युद्ध में भीष्म पितामह को घेरने वाली व्यूह रचना, अद्भुत नजारा
गणतंत्र दिवस के औपचारिक कार्यक्रम तीन दिन बाद 29 जनवरी को संपन्न होते हैं. इसे 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह कहा जाता है, यह विजय चौक पर होता है और गणतंत्र दिवस समारोह के औपचारिक समापन का प्रतीक है.
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दिल्ली के विजय चौक पर 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया गया. इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के 4 दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों का समापन हो गया. -
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत में सेना ने राष्ट्रपति मुर्मू को नेशनल सैल्यूट दिया. इसके बाद तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान की धुन बजाई गई. -
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के दौरान तीनों भारतीय सेनाओं के बैंड ने सेरेमनी की शुरुआत धुन 'कदम-कदम बढ़ाए जा' बजाकर की. -
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में तीनों सेनाओं ने अलग-अलग फॉर्मेशन बनाकर शौर्य का प्रदर्शन किया. ये दृश्य देखने में बहुत ही शानदार था. -
देश की तीनों सेनाओं ने विजय चौक पर देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की फॉर्मेशन बनाई. -
गगनयान के साथ ही अमर जवान और देव व्यूह की फॉर्मेशन भी विजय चौक पर देखने को मिली, यह नजारा बहुत ही अद्भुत था. -
देव व्यूह वह फॉर्मेशन है, जिसकी रचना महाभारत के युद्ध में भीष्म पिता मह को घेरने के लिए की गई थी. सेना ने ये फॉर्मेशन एक बार फिर से रीक्रिएट किया.
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