India vs Netherlands: आखिरी पूल मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर दूसरे दौर पहुंची भारतीय पुरुष हॉकी टीम की राह अब आसान नहीं होगी और पहले ही मैच में शुक्रवार को उसका सामना पेरिस ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीदरलैंड से हो सकता है जिसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी. पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढत बनाने के बाद जिस तरह से भारत ने पकड़ ढीली की, वह नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारी पड़ सकती है. भारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया जबकि इंग्लैंड से 2 -4 से हार गई. नये प्रारूप के तहत पूल डी की दोनों शीर्ष टीमें और पूल ए की दो शीर्ष टीमों से पूल ई बना है जिसमें से पहली दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी. वहीं पूल बी और सी की शीर्ष दो टीमें पूल एफ में एक दूसरे से खेलेंगी और पहले दो स्थान की टीमें अंतिम चार में पहुंचेंगी.
नीदरलैंड फिलहाल टॉप पर
पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी जबकि इंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है. इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा. पूल ए में दुनिया की दूसरे नंबर की टीम नीदरलैंड फिलहाल शीर्ष पर है, जिसे बृहस्पतिवार को जापान से आखिरी ग्रुप मैच खेलना है. मौजूदा फॉर्म को देखते हुए नीदरलैंड का जीतना लगभग तय है क्योंकि जापान पहले दोनों मैच हारकर दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है. वहीं दूसरे मैच में विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज अर्जेंटीना का सामना 11 वीं रैंकिंग वाली न्यूजीलैंड से होगा, जिसमें दूसरे दौर में जाने वाली एक और टीम का निर्धारण होगा. अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड दोनों के नीदरलैंड से हारने के बाद तीन तीन अंक हैं लेकिन गोल औसत के आधार पर फिलहाल अर्जेंटीना दूसरे स्थान पर है.
तीन बार ओलिंपिक, 3 बार विश्व चैंपियन है नीदरलैंड
तीन ओलंपिक और तीन विश्व कप जीत चुकी नीदरलैंड को उसके गढ़ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी. इसी मैदान पर 1973 में पहली बार विश्व कप जीतने वाली नीदरलैंड ने 1990 और 1998 में फिर खिताब जीता जबकि पिछले चार विश्व कप में भी वह दो बार रजत और दो बार कांस्य पदक जीत चुकी है.
अपनी मजबूत हॉकी संस्कृति के लिये मशहूर नीदरलैंड टीम के हर मैच में दस हजार की क्षमता वाला स्टेडियम खचाखच भरा रहता है और मैदान में चारों तरफ आरेंज रंग नजर आता है हालांकि अब यह भारतीय जर्सी का भी रंग है. पाकिस्तान पर जीत के बावजूद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने स्वीकार किया था कि उन्हें डिफेंस में सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा था, ‘हमें आगे के कठिन मैचों में लिये डीप डिफेंस बेहतर करना होगा. अगर 25 मीटर के भीतर गेंद मिल रही है तो उसे अपने पास रखना होगा. हमने बेवकूफाना गलतियां की जिस पर पाकिस्तान को गोल करने का मौका मिल गया.हमें इनसे सबक लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करना होगा.'
आखिरी क्वार्टर बन रहे भारत की कमजोरी
अच्छी शुरूआत के बाद तीसरे या चौथे क्वार्टर में ढिलाई बरतने की कमजोरी इंग्लैंड और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ नजर आई. इंग्लैंड के खिलाफ जहां हाफटाइम तक हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के गोल के दम पर 2 -1 से बढत बनाने के बाद तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड को दो गोल गंवाये तो पाकिस्तान को दूसरे क्वार्टर में चार मिनट के भीतर दो गोल करने के मौके दे दिये. कोच क्रेग फुल्टोन ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बावजूद कहा कि दूसरे क्वार्टर में टीम अच्छा नहीं खेल सकी, लेकिन उन्होंने कहा कि इस तरह के मैच में कई बार जज्बात हावी हो जाते हैं.
पिछले साल भारत ने हराया था नीदरलैंड को
भारतीय टीम के लिये अच्छी बात यह है कि उसने जून में रोटरडम में एफआईएच प्रो लीग के 2025-26 सत्र के आखिरी मैच में नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था. पहला मैच इसी अंतर से हारने के बाद भारत ने जु्गराज सिंह, अभिषेक और राजिंदर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों के गोल के दम पर जीत दर्ज की थी. ये तीनों खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं और खासकर अभिषेक शानदार फॉर्म में हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन फील्ड गोल भी किये थे. वहीं कप्तान हरमनप्रीत अभी तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हैं और एक बार फिर उन पर बड़ा दारोमदार होगा जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और 291 मैच खेल चुके फॉरवर्ड मनदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी.