पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक शुरू

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक का शुभारंभ किया

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक का शुभारंभ किया.
रायपुर:

छत्तीसगढ़ के परंपरागत खेलों को देश और दुनिया में पहचान दिलाने गुरुवार को छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुभारंभ किया. छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक ग्रामीण से लेकर राज्य तक 6 स्तर पर 14 खेल का आयोजन होगा जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पार्टिसिपेट कर रहे है.  6 जनवरी 2023 को राज्यस्तर पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का समापन होगा.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति व सभ्यता और विशिष्ट पहचान यहां की ग्रामीण परंपराओं और रीति रिवाजों से है. इसमें पारंपरिक खेलों का विशेष महत्व है. पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के इन खेलों को लोग भूलते जा रहे थे. खेलों को जीवंत रखने, आने वाली पीढ़ी से इनको अवगत कराने के लिए छत्तीसगढ़ियां ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गई है. 

उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी की जयंती है. उन्हें नमन करता हूं. छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत में अनेक प्रकार के खेलों का आयोजन किया जा रहा है कबड्डी खो-खो और रस्सी खींच पिट्ठुल समेत हम बहुत प्रकार के खेल खेलते रहते हैं. इन सभी के नियम बने हुए हैं. एकल और समूह दोनों प्रकार में खेल होंगे. राजीव मितान क्लब स्तर से ब्लॉक जिला संभाग और प्रदेश स्तर पर खेल होंगे. विजेताओं को इनाम दिया जाएगा.

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