MPPSC में 38वीं रैंक, अब परिधि ने 'डॉक्टर' बन पूरा किया पिता का सपना, पेट में लगे टांकों के साथ दी थी परीक्षा 

19 साल की उम्र में पिता का साया उठने के बाद परिवार संभालने वाली भोपाल की परिधि सोनी को Ph.D की उपाधि मिल गई है. ये उनके पिता का सपना था, जिसे बेटी ने पूरा किया है. इससे पहले उन्‍होंने MPPSC में 38वीं रैंक हासिल की थी और असिस्टेंट प्रोफेसर बनी थी. 

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
success story mppsc bhopal paridhi soni phd degree fulfilled late father dream.

Success Story Dr Paridhi Soni: भोपाल: कहते हैं कि जब इरादे फौलादी हों, तो जिंदगी का बड़े से बड़ा तूफान भी आपके कदम नहीं रोक सकता. इसकी बेमिसाल मिसाल पेश की है भोपाल की डॉ. परिधि सोनी ने. जिन्‍हें 18 जून 2026 को आधिकारिक रूप से Ph.D की उपाधि मिली और उनके नाम के आगे 'डॉक्टर' लग गया. इसके साथ ही परिधि ने अपने स्वर्गीय पिता का सपना पूरा कर जो उनके पिता ने बेटी के बचपन से ही देखा था. 

बचपन में पिता ने बोया था 'डॉक्टर' बनने का बीज

मध्‍य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के (गाडरवारा) में जन्मी और भोपाल में पली-बढ़ीं परिधि सोनी के पिता डॉ. मुन्नालाल सोनी शासकीय हमीदिया कॉलेज में प्रोफेसर थे.  घर में मां रजनी सोनी स्किज़ोफ्रेनिया की गंभीर मरीज थीं, इसलिए पिता ही मां और बेटियों का ख्याल रखने से लेकर घर का टिफिन तक बनाते थे. पिता बचपन में ही उनसे कहा करते थे, "बेटी! तुझे NET-SET निकाल कर अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लगाना है. जिस दिन तेरे नाम के आगे 'डॉक्टर' लगेगा, मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा."

Photo Credit: success story mppsc bhopal paridhi soni phd degree fulfilled late father dream

19 की उम्र में पिता का साया उठा, अनुकंपा नियुक्ति से संभाला घर

परिधि B.Com फाइनल ईयर में थीं, तभी 17 मई 2016 को पिता का अचानक निधन हो गया. 19 साल की उम्र में परिधि के कंधों पर बीमार मां, 98 वर्षीय दादी और तीन छोटी बहनों की जिम्मेदारी आ गई. पिता के सहयोगियों की मदद से 3 सितंबर 2016 को उन्हें लिपिकीय पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली.

नौकरी के साथ उन्होंने पढ़ाई जारी रखी-  M.Com और PGDCA में टॉप किया, UGC NET (99.6%) व MP SET क्वालिफाई किया और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में Ph.D. कोर्सवर्क में पूरी यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. 

Photo Credit: success story mppsc bhopal paridhi soni: पिता के साथ डॉ. परिधि सोनी की तस्‍वीर.

4 दिन की बच्ची, पेट में सी-सेक्शन के टांके के साथ दी परीक्षा  

12 मई 2022 को वकील ईशान उपाध्याय से विवाह के बाद 2023 में परिधि सोनी की मां का भी आकस्मिक निधन हो गया. लेकिन संघर्ष का सबसे कठिन दौर जून 2024 में आया. 9 जून को MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा थी और परिधि का प्रेग्नेंसी पीरियड चल रहा था. 4 जून को सी-सेक्शन डिलीवरी से उन्होंने बेटी को जन्म दिया. 8 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज हुईं और असहनीय दर्द के बावजूद 9 जून को 4 दिन की नवजात बच्ची को गोद में लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचीं और परीक्षा दी.

Advertisement

Success Story: 3 भाई-बहन बने अफसर, पिता की भावुक FB पोस्ट ने जीता सबका द‍िल

असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में 38वीं रैंक, अब मिला Ph.D. का ताज

परिधि ने MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में पूरे प्रदेश में 38वीं रैंक हासिल की. 13 दिसंबर 2025 को उन्होंने भोपाल के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में जॉइन किया- यह वही कॉलेज है जहां उनके स्वर्गीय पिता को भी पहली पोस्टिंग मिली थी. इसके बाद अगस्त 2025 में सबमिट की गई थीसिस का 18 जून 2026 को वायवा पूरा हुआ. इसके बाद उन्हें Ph.D. की उपाधि मिल गई. 

success story mppsc bhopal paridhi soni phd degree fulfilled late father dream

काश! मम्मी-पापा मेरे साथ होते 

यह दिन परिधि सोनी के लिए सबसे खास था. उहोंने अपने व्हाट्सएप स्‍टेटस पर डिग्री शेयर कर लिखा- पाप यह आपके लिए, आपका इच्‍छा थी कि मैं अपने नाम के आगे डॉक्‍टर लिखूं, मैंने यह कर दिखाया. एनडीटीवी से बातचीत में डॉ. परिधि सोनी भावुक होकर कहती हैं- काश! यह सब देखने के लिए मेरे मम्मी-पापा मेरे साथ होते. 

IPS संजुक्ता पराशर: हाथ में AK-47 लेकर मैदान में उतरीं, ठोक डाले 16आतंकवादी, अब CRPF में बनीं IG

Featured Video Of The Day
हॉर्मुज पर महासंग्राम: अमेरिका की दोटूक- 'टोल न वसूले ईरान', पलटवार में ईरान ने रख दीं युद्ध के हर्जाने की शर्तें!