520 स्केटर्स पीछे…आगे सिर्फ आस्था: मां का अधूरा सपना, बेटी ने किया पूरा, स्केटर्स में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Success Story: इस इवेंट में देशभर से करीब 520 स्केटर्स ने हिस्सा लिया था, लेकिन आस्था ने अपने प्रदर्शन से सबको पीछे छोड़ दिया. वाकई, जब सपनों को उड़ान मिलती है, तो उम्र छोटी नहीं, हौसले बड़े दिखते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Success Story: उम्र छोटी… लेकिन हौसले बेहद बड़े. सिंगरौली की नन्हीं आस्था ने स्केटिंग में वो कर दिखाया है, जिसे बड़े-बड़े खिलाड़ी भी आसान नहीं मानते. 1 घंटे 26 मिनट 26 सेकंड की नॉन-स्टॉप स्केटिंग और नाम दर्ज हो गया एशियन और यूरोपियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में. तेज रफ्तार… बेहतरीन बैलेंस और जीतने का जुनून…यह कहानी हैं सिंगरौली की रहने वाली नन्हीं स्केटर आस्था की, जिसने अपने हुनर से इतिहास रच दिया है. आस्था छठी कक्षा में पढ़ाई करती है.

26 जनवरी 2026…गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित इवेंट में आस्था ने लगातार 1 घंटा 26 मिनट 26 सेकंड तक नॉन-स्टॉप स्केटिंग कर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. इस शानदार उपलब्धि के साथ उनका नाम एशियन और यूरोपियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया. ये सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं… बल्कि एक मां के सपनों की जीत है.

520 स्केटर्स के बीच अलग पहचान

 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के खास मौके पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आस्था ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. इस प्रतियोगिता में देशभर के 520 से ज्यादा स्केटर्स शामिल हुए थे, लेकिन आस्था ने अपनी निरंतरता, संतुलन और आत्मविश्वास से सबको पीछे छोड़ दिया. लगातार इतने लंबे समय तक स्केटिंग करना न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक ताकत की भी बड़ी परीक्षा होती है… और आस्था इस परीक्षा में पूरी तरह सफल साबित हुई.

उम्र छोटी, लेकिन हौसले बेहद बड़े

आस्था ने NDTV से खास बातचीत में बताया कि मुझे स्केटिंग बहुत पसंद है. मैं रोज प्रैक्टिस करती थी. मेरा सपना था कि मैं कुछ बड़ा करूं और आज मैं बहुत खुश हूं कि मैंने रिकॉर्ड बना लिया.

उन्होंने कहा कि मेरी मां का सपना था कभी स्केटिंग करने का, लेकिन उनका यह सपना अब अधूरा नहीं रहा. वो पूरा हो गया, उस सपने को हकीकत करने के लिए मां ने मुझे स्केडिंग की एकेडमी में प्रवेश दिलाया, जहां से मुझे एक राह मिली और इस दिशा में आगे बढ़ने का एक रास्ता... मुझे यक़ीन नहीं होता कि मैं 1 घंटे 26 मिनट और 26 सेकेंड की नॉन स्टॉप स्केडिंग कर अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करा चुकी.

Advertisement

मां ने देखा था सपना

वहीं नन्ही आस्था की मां सीमा पाण्डेय NDTV से बातचीत करते हुए कहती हैं कि जब वो स्केटिंग करती थी, तो हमें भी डर लगता था, लेकिन उसका जुनून देखकर हमने कभी रोका नहीं. आज लगता है कि उसकी मेहनत सफल हो गई. आज घर में जश्न है और लोग बधाई दे रहे हैं. ये सिर्फ एक जीत नहीं है.ये एक रिश्ते की जीत है. ये उस भरोसे की जीत है, जो एक मां ने अपनी बेटी में देखा.

सिंगरौली जिले के सोलंग पड़री गांव की रहनेआस्था डिपॉल स्कूल विन्ध्यनगर की क्लास 6 में पढ़ती है और उसकी मां सरस्वती स्कूल विन्ध्यनगर में शिक्षिका है. आस्था के पिता राजकुमार पांडे जिला अस्पताल में एमपीएम के पद पर कार्यरत हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया.

Advertisement

मां ने भी हर कदम पर बेटी का साथ दिया

सुबह जल्दी उठकर प्रैक्टिस के लिए भेजना, ख्याल रखना, और हर छोटी-बड़ी जरूरत पूरी करना… परिवार ने कभी ये महसूस नहीं होने दिया कि सपनों के रास्ते में कोई कमी आ सकती है. 

ये भी पढ़ें: कभी गांव में चराते थे भैंस, पेट्रोल पंप पर किया काम: 5 बार मिली असफलता, लेकिन नहीं मानी हार... जानिए SDM विजय कुमार की कहानी

Featured Video Of The Day
Israel Iran War BREAKING: होर्मुज पर ट्रंप ने भेज दिए Apache Helicopter, अब लगेगी मिडिल ईस्ट में आग
Topics mentioned in this article