मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. साध्वी हर्षानंद ने उन संतों पर तीखा हमला बोला, जो उनके फैशन, मेकअप और गृहस्थ जीवन को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं. इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर हर्षानंद ने कहा कि कुछ संत उनकी हर बात पर आपत्ति जताते हैं, वे "संत से ज्यादा उनकी सास" की तरह व्यवहार कर रहे हैं. यह वीडियो गुरु पूर्णिमा पर दिए उनके विवादित बयान के दो दिन बाद सामने आया है. जिसे लेकर संत समाज ने आपत्ति जताई है.
हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने वीडियो में क्या कहा?
हर्षानंद गिरि का नया वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा, जिसमे वह कह रही है कि मुझे समझ नहीं आता कि संतों को छोटी-छोटी बातों का इतना बुरा क्यों लगने लगा है.
गुरु पूर्णिमा पर क्या बोलीं थी?
दरअसल, गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन स्थित मौनी आश्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान हर्षानंद ने कुछ आश्रमों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था- "जो संत चाहते हैं कि मैं परिवार के साथ न रहूं, वे पहले मेरी जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी लें. अगर, कोई संत यह जिम्मेदारी लेने को तैयार है कि उनके रहते मेरा बाल भी बांका नहीं होगा, तो मैं अपना बोरिया-बिस्तर लेकर उसी आश्रम में रहने चली जाऊंगी. "उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके सजने-सवरने पर सवाल उठाने वाले कुछ संत गुपचुप तरीके से ब्यूटी पार्लर का उपयोग करते हैं, ब्यूटी पार्लर को आश्रम में बुलाकर मैनीक्योर-पेडीक्योर कराते हैं. हर्षा के इस बयान से संत समाज में नई बहस छिड़ गई थी.
संतों ने क्यों जताई थी आपत्ति?
हर्षा रिछारिया ने 18 अप्रैल को मौनी तीर्थ आश्रम में खुद का पिंडदान कर महामंडलेश्वर सुमनानंद से दीक्षा लेकर संन्यास ले लिया था. दीक्षा लेने के बाद उन्होंने हर्षानंद गिरि नाम धारण किया, इसके बाद वे कई धार्मिक आयोजनों में व्यासपीठ से प्रवचन देती नजर आईं. हालांकि, संन्यास लेने के बाद भी उनके रहने का तरीका नहीं बदला. हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि के मेकअप करने, बाल रंगने और परिवार के साथ रहने को लेकर कुछ संतों ने आपत्ति जताई. जिसे लेकर अब वे लगातार बयान दे रही हैं.