Chhattisgarh Police: साइबर अपराधियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कैसे लड़ रही है, इसकी बानगी सामने आई है. छत्तीसगढ़ में दर्ज एक डिजिटल अरेस्ट केस की जांच के लिए गुवाहाटी भेजी गई चार कर्मियों की टीम को असम पुलिस ने 29 अप्रैल को हिरासत में ले लिया. आरोप है कि हिरासत में लिए गए चारों पुलिसकर्मियों में शामिल एक इंस्पेक्टर ने साइबर अपराधियों से घूस लेकर उन्हें छोड़ दिए थे.
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छत्तीसगढ़ में दर्ज एक डिजिटल अरेस्ट केस की जांच के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंची थी टीम
असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रायपुर पुलिस की एक टीम बीते सप्ताह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी (Digital Arrest Case) केस के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंची थी. बताया गया कि टीम ने पूरे राज्य में कुल तीन संदिग्धों का पता लगाया. टीम ने सबसे पहले बिहार में एक संदिग्ध को पकड़ा, इसके बाद असम पहुंची टीम ने गुवाहाटी से तीन और लोगों को हिरासत में लिया था.
दिसपुर पुलिस स्टेशन में संदिग्धों ने टीम पर पैसे लेकर रिहा करने की शिकायत दर्ज कराई
हालात ने तब एक नाटकीय मोड़ ले लिया, जब हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों ने दिसपुर पुलिस स्टेशन जाकर आरोप लगाया कि उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस ने पैसों का लेन-देन के बाद रिहा किया. शिकायतकर्ताओं ने आगे यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए एक अन्य आरोपी को छत्तीसगढ़ से जांच के लिए आई टीम ने तब तक हिरासत में रखा गया, जब तक कि उनके द्वारा मांगी गई रकम का इंतजाम नहीं हो गया.
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छत्तीसगढ़ पुलिस के चार सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया
रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद गुवाहाटी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और छत्तीसगढ़ पुलिस टीम के चार सदस्यों के खिलाफ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) के विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया और एक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल समेत छत्तीसगढ़ पुलिस के चार पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया और मंगलवार देर रात उन्हें पूछताछ के लिए दिसपुर पुलिस स्टेशन लाया गया.
शुरुआती पूछताछ के बाद नोटिस देकर रिहा किए गए जांच टीम के चारों पुलिस अधिकारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि असम में हिरासत में लिए गए छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों से शुरुआती पूछताछ की गई और उसके बाद उन्हें नोटिस देकर रिहा कर दिया गया, क्योंकि इस मामले में लगाए गए आरोप जमानती हैं. हालांकि, रिहा किए गए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उन्हें दोबारा पेश होना होगा.
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साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
पुलिस ने पुष्टि की है कि छत्तीसगढ़ पुलिस टीम द्वारा हिरासत में लिए गए साइबर क्राइम के आरोपी को 'निजी मुचलके' पर रिहा कर दिया गया. घटना ने पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार को एक बार तीखी बहस बहस छेड़ दी हैं. वहीं, एक अंतर-राज्यीय जांच टीम से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों ने साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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