MP में साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, 30 लाख का माल जब्त, 9 आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. देवास पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है.

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MP Cyber Fraud Bust: मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. देवास पुलिस ने भोले‑भाले लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 30 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. पुलिस की इस सफलता से साइबर ठगों के नेटवर्क पर बड़ा झटका माना जा रहा है.

ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत बड़ी कार्रवाई

देवास पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत इस संगठित साइबर ठगी गिरोह पर कार्रवाई की. जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर ठगी कर रहा था. पुलिस ने एक साथ दबिश देकर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके ठिकानों से ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया.

9 आरोपी गिरफ्तार, नकद और महंगे सामान जब्त

पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से 2 लाख रुपये नकद, 19 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक और एक लग्जरी टाटा नेक्सॉन कार जब्त की गई है. इसके अलावा साइबर ठगी से जुड़े करीब 13 लाख रुपये अलग‑अलग बैंक खातों में फ्रीज कराए गए हैं.

युवाओं के खातों का ऐसे करते थे इस्तेमाल

देवास एसपी पुनीत गेहलोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपी युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे. इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में प्रयोग किया जाता था. इन्हीं खातों के जरिए निवेश के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे जाते और फिर रकम को अलग‑अलग खातों में ट्रांसफर कर असली आरोपियों की पहचान छिपाई जाती थी.

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होटल से मिली थी पहली सूचना

पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के एक होटल में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और युवकों से पूछताछ की. जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े अहम सबूत मिले, जिसके बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए.

तकनीकी सामान भी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाई‑फाई डिवाइस, सीसीटीवी कैमरे, आधार‑पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए हैं. इन सभी की कुल कीमत करीब 29 लाख 77 हजार रुपये बताई जा रही है. पुलिस का मानना है कि यह सामान लंबे समय से साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

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आईटी एक्ट में केस दर्ज, तलाश जारी

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

देवास पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, निवेश ऑफर या लिंक पर भरोसा न करें. किसी भी तरह का लालच मिलने पर पहले उसकी पूरी जानकारी लें, ताकि साइबर ठगी के शिकार होने से बचा जा सके.या गया है. पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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