मनरेगा बचाओ संग्राम! पदयात्रा में शामिल हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, 'धान घोटाले' पर कही ये बात

छत्तीसगढ़ में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस ने पदयात्रा निकाली, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शामिल हुए. पदयात्रा के दौरान उन्होंने मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों से संवाद किया और केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा.

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MGNREGA Bachao Sangram: छत्तीसगढ़ में मनरेगा को लेकर चल रहा राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष अब तेज होता दिख रहा है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत पदयात्रा निकाली, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज खुद शामिल हुए. पदयात्रा के दौरान उन्होंने मजदूरों और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. इस दौरान ‘धान घोटाले' को लेकर उनका बयान भी चर्चा में रहा.

पदयात्रा में दीपक बैज का भव्य स्वागत

बेमेतरा जिले के दौरे पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. पदयात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी, मनरेगा मजदूर और ग्रामीण शामिल रहे. यात्रा के दौरान दीपक बैज लगातार लोगों से बात करते नजर आए और मनरेगा से जुड़े उनके अनुभव और परेशानियां सुनीं.

मनरेगा मजदूरों से किया सीधा संवाद

बहेरा ग्राम में दीपक बैज ने मनरेगा मजदूरों के साथ बैठक की और योजनाओं की स्थिति को जाना. उन्होंने मजदूरों के साथ दोपहर का भोजन भी किया. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा को कमजोर करने और धीरे‑धीरे बंद करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों पर सीधा असर पड़ रहा है.

केंद्र सरकार पर तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट कटौती और भुगतान में देरी के जरिए इस योजना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे अपने हक के लिए संगठित रहें और आवाज उठाएं.

‘धान घोटाले' पर दिया बयान

दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में सामने आए धान की कमी के मामलों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कवर्धा और महासमुंद के बाद अब बेमेतरा जिले में भी करीब 17 करोड़ रुपये के धान की कमी सामने आई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सरकारी दफ्तरों में बैठे VIP किस्म के 14 चूहों ने धान खा लिया”, लेकिन अपनी नौकरी बचाने के लिए अधिकारी अब दूसरों को बदनाम कर रहे हैं.

अधिकारियों को लेकर भी उठाए सवाल

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धान की कमी के मामलों में सच्चाई सामने लाने के बजाय एक‑दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और असल जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, न कि दबाव में किसी एक अधिकारी को बलि का बकरा बनाया जाए.

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ग्रामीणों में दिखा उत्साह

पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों और मजदूरों में खास उत्साह देखने को मिला. लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन को समर्थन देने की बात कही. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संग्राम और तेज किया जाएगा.

सुजीत शर्मा की रिपोर्ट

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