Jashpur Murder Case: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के चौकी सोनक्यारी क्षेत्र में ईब नदी से बरामद हुए एक व्यक्ति के शव ने पूरे इलाके को दहला दिया था. पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए सिर्फ दो दिन में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होते ही टीम हर सुराग पर काम में जुट गई. आखिरकार जांच के आधार पर आरोपी सुबोध बेक को पकड़ा गया. पूछताछ में उसने कबूल किया कि शराब के नशे में मामूली विवाद के दौरान हाथापाई से मौत हो गई. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
शव मिलने से फैली सनसनी
20 जनवरी 2026 को ग्राम सरडीह के पास ईब नदी में एक अज्ञात शव मिलने की खबर मिली. चौकी सोनक्यारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू कर दी. शव की पहचान रामचंद्र राम (उम्र 60 वर्ष), निवासी ग्राम सरडीह, थाना सन्ना, जिला जशपुर के रूप में हुई. पुलिस ने विधिवत पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया.
घर से निकले, वापस नहीं लौटे
मृतक की पत्नी गंजो बाई (उम्र 58 वर्ष) ने बताया कि 19 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 2 बजे उनके पति खाना खाकर ईब नदी की ओर निकल गए थे. रात तक घर न लौटने पर परिजन परेशान हो गए. अगले दिन तलाश के दौरान नदी में उनका शव मिला, जिसके बाद मामला गंभीर रूप से जांच के दायरे में आ गया.
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृत्यु का कारण हत्यात्मक है. इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की. इसके बाद टीम ने मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और सहकर्मियों से लगातार पूछताछ की, ताकि आखिरी कड़ियों को जोड़ा जा सके.
महत्वपूर्ण सुराग: आखिरी बार किसके साथ दिखा
जांच के दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने बड़ा सुराग दिया. उसने बताया कि 19 जनवरी की शाम वह, मृतक रामचंद्र राम और सुबोध बेक ईब नदी के पास साथ बैठकर शराब पी रहे थे. कुछ देर बाद वह अपने काम से चला गया, जबकि मृतक और सुबोध वहीं रह गए. इससे यह पुख्ता हुआ कि मृतक को आखिरी बार आरोपी के साथ ही देखा गया था.
आरोपी की गिरफ्तारी और कबूलनामा
सूचना और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुबोध बेक (उम्र 28 वर्ष), निवासी ग्राम नगेंदा पत्थर, चौकी आरा, जिला जशपुर (वर्तमान निवास: ग्राम सरडीह) को हिरासत में लिया. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि शराब के नशे में मामूली विवाद हो गया था और हाथ-मुक्के से मारपीट के दौरान रामचंद्र राम की मौत हो गई.














