Chhattisgarh House Fire: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. कुम्हारी क्षेत्र के खदान पारा में शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. जान बचाने के प्रयास में किचन में छिपे परिजनों पर मानो मौत टूट पड़ी. किचन में रखा सिलेंडर ब्लास्ट होते ही पूरा घर आग का गोला बन गया, जिसमें 2 मासूम बच्चों समेत 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.
यह हादसा कुम्हारी के खदान पारा इलाके का है. जानकारी के मुताबिक घर के पास लगे इलेक्ट्रिक पोल में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ. इससे चिंगारियां निकलीं और घर के छप्पर में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया.
टीवी देख रहे थे परिजन, अचानक मचा हड़कंप
घटना के वक्त घर के अंदर 4 लोग मौजूद थे. सभी लोग टीवी देख रहे थे, तभी आग लगने का अहसास हुआ. चारों तरफ धुआं और लपटें देखकर परिजन घबरा गए और जान बचाने के लिए किचन की ओर भागे.
किचन में छिपे, लेकिन सिलेंडर ने छीनी जान
परिजनों ने किचन में रखी टेबल के नीचे छिपकर खुद को बचाने की कोशिश की. लेकिन दुर्भाग्यवश किचन में रखा गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गया. कुछ ही पलों में जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया. ब्लास्ट इतना तेज था कि आग की लपटें और फैल गईं और चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
मृतकों की पहचान
इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई, जिसमें होमदास वैष्णव (40 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (18 वर्ष), चांदनी वैष्णव (17 वर्ष) और गोपीका (2 वर्ष) शामिल है. धमाके के बाद शव इतनी बुरी तरह झुलस गए कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया.
चीख-पुकार मची, लेकिन आग के आगे सब बेबस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के वक्त घर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं. लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि कोई भी घर के अंदर जाने या पास पहुंचने की हिम्मत नहीं कर पाया.
घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी गई. फायर ब्रिगेड की टीम जब मौके पर पहुंची, तब तक पूरा घर जलकर राख में तब्दील हो चुका था. आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था.
मौके पर पहुंचे मंत्री और सांसद, मुआवजे का ऐलान
हादसे की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और दुर्ग सांसद विजय बघेल मौके पर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्येक मृतक के लिए 5-5 लाख रुपये और जिला प्रशासन की ओर से आरबीसी 4-6 के तहत 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है.
जांच के आदेश, अतिरिक्त सहायता का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं. जांच और नुकसान के आकलन के बाद पीड़ित परिवार को घर के लिए भी क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी.














