MP CM Convoy Reduced: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा और अहम फैसला लिया है. पेट्रोल‑डीजल की खपत कम करने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने का निर्णय किया है. अब सीएम के दौरों के दौरान वाहन रैली नहीं निकलेगी और सिर्फ जरूरी वाहन ही काफिले में शामिल होंगे. इस फैसले को सादगी और जिम्मेदार प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री की अपील पर लिया फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश सरकार राष्ट्रहित में ईंधन की बचत के लिए प्रतिबद्ध है. इसी भावना के तहत उन्होंने अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला किया है. यह निर्णय आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा.
अब नहीं होगी मुख्यमंत्री की वाहन रैली
सीएम डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान अब किसी भी तरह की वाहन रैली नहीं निकाली जाएगी. मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम में सुरक्षा की दृष्टि से केवल न्यूनतम और आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे. इससे ईंधन बचत के साथ‑साथ आम लोगों की असुविधा भी कम होगी.
मंत्रियों से भी कम वाहन इस्तेमाल करने की अपील
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को केवल अपने तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने राज्य के सभी मंत्रियों से भी यात्रा के दौरान कम से कम गाड़ियों का उपयोग करने की अपील की है. सरकार का उद्देश्य है कि नेतृत्व स्तर से सादगी और जिम्मेदारी का संदेश जाए.
डॉ. मोहन यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि नवनियुक्त निगम‑मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे. उनके कार्यक्रमों में भी किसी तरह की वाहन रैली नहीं होगी. इससे सरकारी कामकाज में फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी.
प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है. राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसके लिए छोटे‑छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं.
राज्य शासन ने जारी किए स्पष्ट दिशा‑निर्देश
राज्य सरकार की ओर से इस फैसले को लेकर औपचारिक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.
- आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री के काफिले में 13 की जगह केवल 8 वाहन रहेंगे.
- मुख्यमंत्री के किसी भी दौरे में अब वाहन रैली नहीं होगी.
- सभी मंत्री यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे.
- नव‑नियुक्त निगम‑मंडल पदाधिकारी सादगी से पदभार संभालेंगे और कोई रैली नहीं होगी.














