Chhindwara Bribery Case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ आईडीएसपी डेटा मैनेजर जितेंद्र यदुवंशी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा. इस कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.
संजीवनी क्लिनिक में पोस्टिंग के बदले मांगी थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी जितेंद्र यदुवंशी ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी पुष्पा बढ़गढ़े से उसकी पोस्टिंग संजीवनी क्लिनिक में कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी. महिला कर्मचारी ने इस मांग को गलत मानते हुए इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई.
लोकायुक्त ने रची साजिश, बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की योजना बनाई. महिला कर्मचारी को आरोपी से संपर्क बनाए रखने को कहा गया, ताकि रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ा जा सके.
रिश्वत लेते ही धर दबोचा गया आरोपी
सोमवार को जैसे ही महिला कर्मचारी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये जितेंद्र यदुवंशी को सौंपे, वहां पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया. मौके पर प्रक्रिया पूरी की गई और रिश्वत की रकम जब्त कर ली गई.
हाथ धुलवाने पर हुआ खुलासा
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के हाथ धुलवाए, जिसके बाद हाथों का रंग गुलाबी हो गया. यह रिश्वत लेने का स्पष्ट और पुख्ता प्रमाण माना जाता है. इस कार्रवाई को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई.
दस्तावेजों की जांच जारी, केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस फिलहाल आरोपी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. जितेंद्र यदुवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.














