छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो व्यवस्था पर सवाल भी उठाती है और मजबूरी की हद भी दिखाती है. पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने शिविर में ही अधिकारियों की ही ‘पूजा' शुरू कर दी. आरती उतारी, नारियल चढ़ाया और हाथ जोड़ते हुए कहा “अब तो पानी दे दो.” यह दृश्य सुशासन तिहार के शिविर में देखने को मिला.
प्रकाश साहू की रिपोर्ट...
सुशासन तिहार शिविर में अनोखा विरोध
सक्ती जिले के धुरकोट में लगे सुशासन तिहार शिविर में आमतौर पर लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग था. खरकेना गांव के ग्रामीण कागज नहीं, अपनी परेशानी लेकर दंडवत करके हुए आए. उन्होंने अधिकारियों के सामने खड़े होकर अपने कान नापने शुरू कर दिए. यह उनका तरीका था यह बताने का कि वे बार-बार गुहार लगाकर थक चुके हैं.
गांव में पानी का गहरा संकट
करीब 1200 की आबादी वाले खरकेना गांव में पानी सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि 800 से 1000 फीट गहरे बोर करने के बाद भी जो पानी मिलता है, वह खारा होता है और पीने लायक नहीं होता. हैंडपंप सूख चुके हैं, टैंकर कभी-कभार ही पहुंचता है और पाइपलाइन की योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है.
कई बार दी शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी कई बार आवेदन देकर अधिकारियों को अपनी समस्या बता चुके हैं. हर बार उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन धरातल पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ. धीरे-धीरे उनकी उम्मीदें टूटने लगीं और आखिरकार उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाने का फैसला किया.
अधिकारियों की पूजा कर जताई मजबूरी
प्रदर्शन यहीं तक सीमित नहीं रहा. ग्रामीण नारियल, अगरबत्ती और पूजा की सामग्री लेकर आए और अधिकारियों की प्रतीकात्मक रूप से आरती उतारी. उनका कहना था कि अब वे अधिकारियों को ‘देवता' मानकर ही अपनी गुहार लगा रहे हैं, शायद इस बार उनकी सुनवाई हो जाए. यह दृश्य विरोध कम और लाचारगी ज्यादा दिखाता है.
प्रशासन ने दिया आश्वासन
इस अनोखे प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेने की बात कही. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा. अब गांव के लोग इस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं. इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी कितनी बड़ी समस्या बन सकती है.