Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में आरोपी निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. याचिका में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिसंबर में की गई गिरफ्तारी के ग्राउंड ऑफ अरेस्ट को चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या चौरसिया की याचिका पर नोटिस जारी कर उसे 28 जनवरी को होने वाली सुनवाई के साथ जोड़ दिया है.
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2025 में प्रदेश में हुए कथित शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था. वे पूर्व कांग्रेस सरकार में CMO में डिप्टी सेक्रेटरी रह चुकी हैं. हाल ही में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के ग्राउंड ऑफ अरेस्ट को चुनौती देते हुए एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है. इससे पहले भी उनकी ओर से कुछ प्रावधानों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. उन याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुनवाई होनी थी. ऐसे में कोर्ट ने नोटिस जारी कर नई याचिका को उन्हीं के साथ जोड़ दिया है.
निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की ओर से सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हर बार जमानत मिलने के बाद नई गिरफ्तारी होती है, जो FIRs का एवरग्रीनिंग है. वहीं, सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वर्ष 2019 से आरोप और सामग्री एक जैसी हैं, इसके बाद भी बार-बार कार्रवाई की जा रही है.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को मिला थी जमानत
तीन जनवरी को शराब घोटाला में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ की हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी. चैतन्य बघेल को 2025 मैं उनके जन्मदिन के दिन 17 जुलाई को केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. 2800 करोड से अधिक के कथित शराब घोटाला मामले में चैतन्य की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई थी.
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