Slipper Theft Viral News: अजब एमपी में फिर एक गजब मामला सामने आया है. आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध बगुलामुखी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे बड़गांव के नायब तहसीलदार की चप्पल चोरी हो गई. आम तौर पर ऐसे मामलों को लोग टाल देते हैं, लेकिन साहब ने इसे हल्का नहीं लिया. सीसीटीवी फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान करवाई, उससे चोरी कबूल भी करा दी. इतना ही नहीं अब एसपी को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग भी कर दी. उनका पत्र सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है.
मंदिर के बाहर से गायब हुई चप्पल
नायब तहसीलदार जब बगुलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे, तो चप्पल बाहर स्टैंड पर उतारकर गए थे. लौटे तो चप्पल गायब थी. पहली नजर में मामूली लगने वाली यह घटना उन्हें नागवार गुजरी और उन्होंने तुरंत मंदिर प्रबंधन से बात की. मंदिर प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाई. फुटेज में एक व्यक्ति चप्पल लेकर जाते हुए नजर आया. पूछताछ में संदेही ने चप्पल ले जाना स्वीकार भी कर लिया. यहीं कहानी खत्म नहीं हुई. अधिकारी ने इसे मंदिर परिसरों में होने वाली बार-बार की चोरी से जोड़कर गंभीर मुद्दा मान लिया.
सोशल मीडिया पर वायरल पत्र.
एसपी को पत्र: ‘कड़ी कानूनी कार्रवाई करें'
NDTV ने जब इस बारे में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी से बात की, तो उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार सिंह के नाम पत्र पुलिस थाने में दिया है. पत्र में मैंने लिखा कि मंदिर में चप्पल सहित अन्य सामान की चोरी पर रोक लगनी चाहिए और ऐसे मामलों में केस दर्ज कर सख्त कदम उठाने चाहिए. उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संबंधी धाराओं का हवाला देते हुए औपचारिक प्रकरण दर्ज करने की मांग रखी है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे.
सोशल मीडिया पर चर्चा- ‘सही किया या ज्यादा हो गया?'
अधिकारी का पत्र अब सोशल मीडिया में वायरल है. लोग दो हिस्सों में बंटे दिखे. कुछ इसे कानून-व्यवस्था का सख्त संदेश मान रहे हैं, तो कुछ इसे “चप्पल चोरी पर केस” कहकर हल्का-फुल्का अंदाज में ले रहे हैं. लेकिन एक बात साफ है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर यह मामला गंभीर बहस छेड़ रहा है.
मंदिर के बाहर खड़े नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी.
मंदिरों में सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना बताती है कि भीड़-भाड़ वाले मंदिरों में सीसीटीवी, सुरक्षित स्टैंड, टोकन सिस्टम और निगरानी की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए. छोटे दिखने वाले ऐसे मामलों से भी लोगों की आस्था और सुरक्षा-बोध प्रभावित होता है.














