Chhattisgarh Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के धमतरी में नक्सली उन्मूलन अभियान को 23 जनवरी 2026 को बड़ी सफलता मिली है. धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार और आईजी अमरेश मिश्रा के समक्ष 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. आपको बता दें कि शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के माध्यम से निरंतर अपील की जा रही थी.
धमतरी पुलिस की टीम, डीआरजी और सीआरपीएफ द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के तहत लगातार चल रहे प्रयासों के दबाव से प्रभावित होकर आज प्रतिबंधित संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और कोबरा एलओएस के सक्रिय 9 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के नाम
- ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा, उम्र 28 वर्ष, ग्राम पेद्दा कोरमा, थाना जिला बीजापुर. वर्ष 2006 को नक्सली संगठन में शामिल होकर बीजापुर जिले में सक्रिय रही. 2023 को धमतरी में गरियाबंद नुआपाडा डिवीजन में सक्रिय रही. थाना बोरई अपराध क्रमांक 1/, 13, 02/13, 15, 17/15, थाना मेचका अपराध क्रमांक 1/25 और गरियाबंद में दो अपराध, कुल सात नक्सली अपराध रहे.
- उषा उर्फ बालम्मा, उम्र 45 वर्ष, ग्राम चंद्रावली, जिला मंचीराला तेलंगाना की निवासी रही. DVC टेक्निकल विभाग छत्तीसगढ़ में भ्रमण कर माओवादी नक्सलियों के हथियारों की रिपेयरिंग करना, मैनपुर के भालूडीह के एनकाउंटर, जिसमें प्रमोद मारा गया था, शामिल रही. वर्ष 2002 को नक्सली संगठन में शामिल होकर तेलंगाना में सक्रिय रही. 2015 में छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रही. गरियाबंद में दो नक्सली अपराध रहा.
- रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु, उम्र 30 वर्ष, ग्राम मड़कागुड़ा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर, निवासी रहा. वर्ष 2011 को पामेड़ जिला बीजापुर में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2013 में छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रहा. थाना बोरई में अपराध क्रमांक 25/18, 32/18, 05/19, थाना मेचका अपराध क्रमांक 04/18, 03/19, 04/20, 01/25, खलारी 01/17, 02/21, 05/21 और गरियाबंद में 15 नक्सल अपराध, कुल 25 नक्सल अपराध शामिल रहा.
- रोनी उर्फ उमा उर्फ चिन्नी हेमला, उम्र 25 वर्ष, ग्राम सावनर, थाना गंगालूर जिला बीजापुर. वर्ष 2006 को जगरगुंडा जिला सुकमा में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2007 में छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रहा. थाना खल्लारी अपराध क्रमांक 09/24, 02/2024 और गरियाबंद में 14 अपराध, कुल 16 नक्सल अपराध रहा.
- निरंजन उर्फ पोदीया, उम्र 25 वर्ष, ग्राम जगरगुंडा जिला सुकमा. वर्ष 2017 को जगरगुंडा जिला सुकमा में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2018 से छत्तीसगढ़ के उड़ीसा राज्य एरिया कमेटी के डीजीएन में सक्रिय रहा. गरियाबंद में दो नक्सल अपराध रहा.
- सिंधु उर्फ सोमाडी, उम्र 25 वर्ष, ग्राम गाद गुड़ा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. वर्ष 2015 को पामेड़ जिला बीजापुर में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2016 से छत्तीसगढ़ के उड़ीसा राज्य एरिया कमेटी के डीजीएन में सक्रिय रहा. नक्सली संगठन में हथियार रिपेयरिंग का काम करती थी.
- रीना उर्फ चीरो, उम्र 25 वर्ष, ग्राम कावानार, थाना छोटे डोंगर जिला नारायणपुर निवासी. वर्ष 2008 को छोटे डोंगर जिला नारायणपुर में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2009 से छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रहा. थाना बोरई अपराध क्रमांक 09/2024 और गरियाबंद में 15 अपराध, कुल 16 नक्सल अपराध रहा.
- अमिला उर्फ सन्नी, उम्र 25 वर्ष, ग्राम टेकलगुड़ा, थाना उसूर जिला बीजापुर निवासी, जो वर्ष 2008 को उसूर जिला बीजापुर में नक्सली संगठन में शामिल हुआ. 2013 से छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रहा. थाना खल्लारी अपराध क्रमांक 02/2019, गरियाबंद में दो अपराध, कुल तीन नक्सली अपराध रहा.
- लक्ष्मी पुनेम उर्फ आरती उषा, उम्र 18 वर्ष, ग्राम कोरसागुड़ा, थाना बासागुड़ा, जिला बीजापुर निवासी. वर्ष 2008 को उसूर जिला बीजापुर में नक्सल संगठन में शामिल हुआ. 2013 में छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी में सक्रिय रहा. गरियाबंद में एक नक्सल अपराध रहा.
धमतरी में माओवादियों ने डाले ये हथियार
सभी 9 माओवादियों द्वारा 2 इंसास राइफल, 3 मैगजीन और 37 राउंड, 2 एसएलआर राइफल, 4 मैगजीन और 18 राउंड, 1 कार्बाइन, 2 मैगजीन और 12 राउंड, 1 भरमार बंदूक, 1 रेडियो सेट, वॉकी-टॉकी सहित दैनिक उपयोग की सामग्री भी लाई गई है. आपको बता दें कि शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति के तहत समर्पण करने पर अनुरूप इनामी राशि, हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने पर इनाम की सुविधा, बीमार होने पर स्वास्थ्य सुविधा, आवास और रोजगार की सुविधा दी जाती है. इन योजनाओं का लाभ उनके कई माओवादी साथी अजय, भूमिका, टिकेश, प्रमिला सहित अन्य पहले ही उठा रहे हैं.
इन नक्सलियों को पोस्टर, बैनर, पंपलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के हाथों से लिखी गई अपील तथा स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से लगातार संदेश दिया जाता था. इसके साथ ही दूर-दराज के नक्सल प्रभावित गांवों में सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं भी कराई जा रही थीं. धमतरी पुलिस द्वारा गांव और जंगलों में प्रचारित आत्मसमर्पण नीति के पोस्टर और पंपलेट भी मिलते थे, जिससे उनके मन में यह विचार आया कि वे जंगलों में पशुओं की तरह दर-दर भटक क्यों रहे हैं.
माओवादियों की कमजोर हो चुकी विचारधारा, जंगलों की परेशानियां, शासन की पुनर्वास नीति और आत्मसमर्पित साथियों के बेहतर जीवन से प्रभावित होकर इन सभी ने अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताने के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता अपनाया और इसी के तहत आज सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. यह जिले में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा जवानों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है.
आपको बता दें कि नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और कोबरा एलओएस के सक्रिय इन नौ नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में धमतरी पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ धमतरी डीआरजी और राज्य सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों का विशेष योगदान रहा है. कुल 47 लाख रुपये के इनामी इन माओवादियों ने हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़कर अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है.














