Urination Frequency Causes | Bar Bar Peshab Aana: क्या आपको भी दिन में पानी पीने की याद नहीं रहती या आपको यह ध्यान रहता है कि आप पूरे दिन में कितनी बार टॉयलेट गए थे. तो आप अकेले नहीं है. ऐसे बहुत से लोग हैं जो ये गलती बार-बार करते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि दिन में पेशाब जाने का नंबर आपकी हेल्थ का सबसे बड़ा संकेत हो सकता है कि आप अपनी हेल्थ को किस दिशा में ले जा रहे हैं. हमारे शरीर का हर संकेत कुछ न कुछ बताता है. प्यास लगना, भूख लगना, नींद आना इसी तरह पेशाब (यूरिन) आना भी शरीर की एक प्राकृतिक और जरूरी प्रक्रिया है. लेकिन कई बार लोगों के मन में सवाल उठता है क्या मैं ज्यादा बार टॉयलेट जा रहा/रही हूं? क्या यह सामान्य है?
कुछ लोग दिन में 5-6 बार जाते हैं, तो कुछ 10-12 बार. कोई रात में भी 2-3 बार उठता है. ऐसे में समझना जरूरी है कि आखिर एक दिन में कितनी बार पेशाब जाना नॉर्मल माना जाता है और किस उम्र में इसका काउंट कितना होना चाहिए.
एक दिन में कितनी बार पेशाब जाना नॉर्मल है? | How Many Times a Day is it Normal to Urinate?
सामान्य तौर पर एक हेल्दी व्यक्ति दिन में 6 से 8 बार पेशाब करता है. अगर आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं (लगभग 2-3 लीटर रोज), तो 7-8 बार टॉयलेट जाना बिल्कुल सामान्य है. रात में 0–1 बार पेशाब के लिए उठना सामान्य माना जाता है. अगर बार-बार (2-3 बार से ज्यादा) उठना पड़ रहा है, तो इसे नोक्टूरिया कहा जाता है और इसकी जांच जरूरी हो सकती है.
उम्र के हिसाब से कितना है नॉर्मल काउंट? | What is the Normal Count of Urination According to Age?
1. शिशु (0-1 साल)
दिन में 10–20 बार तक पेशाब कर सकते हैं. उनका ब्लैडर छोटा होता है, इसलिए बार-बार पेशाब आना सामान्य है.
2. छोटे बच्चे (1-5 साल)
लगभग 8-14 बार तक पेशाब कर सकते हैं. पानी ज्यादा पीने या ठंड के मौसम में काउंट बढ़ सकता है. इसलिए बच्चे 8 से 14 बार तक अगर पेशाब कर रहे हैं तो यह सामान्य है.
3. बच्चे और टीनेएजर (6-18 साल)
बच्चे और टीनएजर्स जिनकी उम्र 6 से 18 साल है उनका 6-10 बार पेशाब जाना सामान्य है. खेलकूद, पानी की मात्रा और मौसम के अनुसार बदलाव हो सकता है.
4. एडल्ट्स (18-60 साल)
अगर कोई एडल्ट है और वह दिन में 6-8 बार पेशाब जा रहा है तो यह सामान्य है. रात में 1 बार उठना भी सामान्य हो सकता है.
5. बुजुर्ग (60 साल से ऊपर)
बुजुर्ग लोग जिनकी उम्र 60 से ज्यादा है उनका भी दिन में 7-9 बार तक पेशाब जाना सामान्य हो सकता है. उम्र बढ़ने के साथ ब्लैडर की क्षमता थोड़ी कम हो जाती है.
कब समझें कि समस्या है?
अगर ऊपर बताए गई काउंट से ज्यादा या बहुत कम आपको पेशाब जा रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
- हर 1–2 घंटे में पेशाब आना.
- पेशाब करते समय जलन या दर्द.
- बहुत कम मात्रा में बार-बार पेशाब.
- पेशाब में खून.
- अचानक बहुत ज्यादा प्यास और बार-बार पेशाब (डायबिटीज का संकेत हो सकता है)
बार-बार पेशाब आने की समस्या को कैसे रोकें? | How to Stop Frequent Urination Problem?
1. आंवला का सेवन
अगर किसी को बार-बार टॉयलेट के लिए जाना पड़ता है तो एक घरेलू नुस्खे के रूप में आप आंवला का सेवन कर सकते हैं. ये न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि यूरिन इन्फेक्शन से बचाता है. आंवला जूस या आंवला पाउडर का सेवन कर सकते हैं.
2. मेथी दाना पानी
इस समस्या से बचने के लिए मेथी दाना भी एक कारगर नुस्खा माना जाता है. रात में 1 चम्मच मेथी दाना भिगो दें. सुबह खाली पेट इसका पानी पिएं. यह ब्लैडर को मजबूत करने में मदद करता है.
3. तुलसी के पत्ते
5-7 तुलसी के पत्ते चबाएं या उसका काढ़ा बनाकर पिएं. यह संक्रमण कम करने में मददगार है. इसलिए रोज आप पानी में मिलाकर या पत्तों को सीधे मुंह में रखकर चबा सकते हैं.
4. कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercise)
यह खासतौर पर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद है. पेशाब रोकने वाली मांसपेशियों को 5 सेकंड तक टाइट करें. फिर 5 सेकंड ढीला छोड़ें. दिन में 10-15 बार दोहराएं. यह ब्लैडर कंट्रोल बेहतर करता है.
5. कैफीन कम करें
अगर आप दिन में बहुत ज्यादा मात्रा में चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक लेते हैं तो इससे भी पेशाब आ सकता है. इनका सेवन कम करें.
6. पानी सही मात्रा में पिएं
बहुत ज्यादा पानी भी बार-बार पेशाब की वजह बन सकता है. 2-3 लीटर पर्याप्त है (मौसम और शरीर के अनुसार).
7. ब्लैडर ट्रेनिंग
अगर हर थोड़ी देर में पेशाब की आदत है, तो धीरे-धीरे अंतराल बढ़ाने की कोशिश करें. जैसे पहले 1 घंटे में जाते हैं, तो 1 घंटा 15 मिनट करने की कोशिश करें.
किन कारणों से बढ़ सकती है पेशाब की समस्या? | What Are the Reasons for Increased Urinary Problems?
- डायबिटीज
- यूरिन इन्फेक्शन (UTI)
- प्रोस्टेट की समस्या (पुरुषों में)
- गर्भावस्था
- तनाव या एंग्जायटी
- ज्यादा ठंड का मौसम
अगर समस्या लगातार बनी रहे, तो टेस्ट जरूरी है.
लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?
- रेगुलर एक्सरसाइज करें.
- वजन कंट्रोल रखें.
- बैलेंस डाइट लें.
- ज्यादा नमक और मसालेदार भोजन कम करें
- देर रात ज्यादा पानी पीने से बचें
दिन में 6-8 बार पेशाब जाना पूरी तरह सामान्य है. उम्र, पानी की मात्रा, मौसम और सेहत के अनुसार यह काउंट थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है. लेकिन, अगर बार-बार पेशाब के साथ जलन, दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें.