Tratak Kriya Ke Fayde: आज के मॉडर्न और तेज रफ्तार जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी कारण से तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से जूझ रहा है. काम का बोझ, पारिवारिक जिम्मेदारियां, भविष्य की चिंता और डिजिटल स्क्रीन पर बढ़ता समय ये सभी हमारे मन और शरीर पर गहरा प्रभाव डालते हैं. लगातार टेंशन लेने से न केवल मानसिक शांति भंग होती है, बल्कि इसका असर आंखों की रोशनी, सोचने-समझने की क्षमता और याददाश्त पर भी पड़ता है.
ऐसे समय में हेल्दी और बैलेंस लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है. इसी दिशा में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय ने योग और प्राणायाम को डेली लाइफ में शामिल करने की सलाह दी है. खासतौर से आंखों की रोशनी और मेंटल क्लियरिटी के लिए त्राटक क्रिया को बेहद लाभकारी बताया गया है.
त्राटक क्रिया क्या है?
त्राटक क्रिया एक प्राचीन योगिक शुद्धिकरण प्रक्रिया है. इसमें व्यक्ति बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु, दीपक की लौ या किसी वस्तु को एकाग्र होकर देखता है. यह क्रिया आमतौर पर शांत और अंधेरे कमरे में की जाती है, जहां सामने दीपक की लौ जलाई जाती है.
शुरुआत में आंखों में हल्की जलन या पानी आ सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से आंखें मजबूत होने लगती हैं और ध्यान की क्षमता बढ़ती है.
त्राटक क्रिया के अद्भुत लाभ | Amazing Benefits of Tratak Kriya
आंखें साफ और चमत्कारिक
रेगुलर त्राटक करने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. आंखों की सफाई होती है और रोशनी बेहतर होती है. इससे आंखें ज्यादा आकर्षक और चमकदार दिखने लगती हैं.
मेमोरी, एकाग्रता और ब्रेन ग्रोथ
यह क्रिया मन की चंचलता को कम करती है. व्यक्ति की फोकस करने की क्षमता बढ़ती है और याददाश्त में सुधार होता है. विद्यार्थी और मानसिक कार्य करने वाले लोगों के लिए यह खासतौर से फायदेमंद है.
नेत्र विकारों में सहायक
डिजिटल युग में आंखों की थकान और सूखापन आम समस्या बन चुकी है. त्राटक क्रिया आंखों के तनाव को कम करती है और कई नेत्र संबंधी परेशानियों में सहायक मानी जाती है.
आंतरिक ज्योति का रहस्य
योग शास्त्रों के अनुसार, त्राटक करने से व्यक्ति की आंतरिक ऊर्जा जागृत होती है. आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच में वृद्धि होती है.
सकारात्मक परिवर्तन
इस अभ्यास से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मन शांत और स्थिर होता है, जिससे तनाव और चिंता धीरे-धीरे कम होने लगती है.
आज्ञाचक्र सक्रिय
योग मान्यता के अनुसार, त्राटक से आज्ञाचक्र सक्रिय होता है. इससे मेंटल क्लियरिटी बढ़ती है और व्यक्ति बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होता है.
कैसे करें त्राटक क्रिया?
- शांत स्थान पर सीधी रीढ़ के साथ बैठें.
- सामने आंखों के स्तर पर दीपक रखें.
- बिना पलक झपकाए लौ को देखें.
- आंखों में पानी आने पर उन्हें बंद कर लें और लौ की छवि को मन में देखें.
- रोज 5-10 मिनट अभ्यास से शुरुआत करें.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप तनाव से मुक्ति, तेज स्मरण शक्ति और बेहतर नजर चाहते हैं, तो त्राटक क्रिया को अपने रूटीन में जरूर शामिल करें. रेगुलर प्रैक्टिस से न केवल आंखें बल्कि मन और आत्मा भी स्वस्थ बनते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)