Travel Tips: भारत की नदियों के बारे में हमें बचपन से यही पढ़ाया जाता है कि नदियां हमेशा पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में एक ऐसी नदी भी है जो इस सामान्य नियम को तोड़कर उल्टी बहती है? अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और कुछ हटकर देखना चाहते हैं, तो आप इन अनोखी नदी को देखने का प्लान बना सकते हैं. इसे देखने के लिए आपको मध्य प्रदेश के अमरकंटक जाना होगा. यहां नर्मदा नदी है, जो पश्चिम दिशा में बहती है. इसी वजह से लोग इसे 'उल्टी बहने वाली नदी' भी कहते हैं.
जेब में फोन रखने के नुकसान: डॉक्टर ने बताया चलते हुए मोबाइल को जेब में क्यों नहीं रखना चाहिए
नर्मदा नदी की यात्रा की शुरुआत होती है अमरकंटक (मध्य प्रदेश) से. यह जगह पहाड़ों, जंगलों और शांत माहौल के लिए जानी जाती है. इसके अलावा एक पवित्र तीर्थ स्थल भी मानी जाती है. यहां नर्मदा कुंड है, यहीं से नर्मदा पश्चिम की ओर अपनी यात्रा शुरू करती है. अमरकंटक ट्रेकिंग, नेचर वॉक और शांति पसंद करने वालों के लिए परफेक्ट जगह है. यहां पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पेंड्रा रोड है.
अमरकंटक से आगे बढ़ते हुए भी नर्मदा कई खूबसूरत जगहों से गुजरती है. जबलपुर इसका सबसे पॉपुलर ट्रैवल स्पॉट है. ये जगह अपने मार्बल रॉक्स सफेद संगमरमर की ऊंची चट्टानों के लिए मशहूर हैं. नाव में बैठकर इन चट्टानों के बीच से गुजरना एक यादगार अनुभव होता है. इसके पास ही एक बेहद खूबसूरत वाटरफॉल है, जहां गिरता पानी और उठती धुंध का नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता है.
इसके बाद नर्मदा किनारे बसे महेश्वर और ओंकारेश्वर जैसे शहर आते हैं. महेश्वर अपने किले, घाट और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण धार्मिक लोगों के साथ-साथ ट्रैवलर्स को भी खूब पसंद आता है. यहां घाटों पर बैठकर सूरज ढलते देखना बहुत सुकून देता है.
गुजरात में पहुंचते-पहुंचते नर्मदा का रूप बदल जाता है. सरदार सरोवर डैम एक बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन है, जहां से भी नदी और आसपास का नजारा बेहद शानदार लगता है. पास ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी है, जिसे नर्मदा ट्रिप के साथ आसानी से कवर किया जा सकता है.
ऐसे में अगर आप भीड़-भाड़ से दूर, एक अलग तरह की ट्रैवल स्टोरी बनाना चाहते हैं, तो नर्मदा नदी के किनारे घूमने का प्लान बना सकते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)