Pink Salt Vs White Salt: आजकल नमक को लेकर लोगों में काफी उलझन रहती है. बाजार में सफेद नमक और पिंक सॉल्ट दोनों उपलब्ध हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है, आयुर्वेद के अनुसार, पिंक सॉल्ट को सामान्य तौर पर सफेद नमक से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें सिर्फ सोडियम ही नहीं, बल्कि आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे कई खनिज तत्व भी पाए जाते हैं ये शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करते हैं.
सफेद नमक की तुलना में पिंक सॉल्ट ज्यादा फायदेमंद क्यों है?
आयुर्वेद में पिंक सॉल्ट को ज्यादा फायदेमंद इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसमें सोडियम के साथ अन्य खनिज भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को रोगमुक्त करने में मदद करते हैं. इसमें पाए जाने वाला आयरन, पोटेशियम व मैग्नीशियम कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वहीं, अगर बात करें सफेद नमक की तो यह हाई-प्रोसेस्ड नमक होता है, जिसमें सोडियम और आयोडीन दोनों ही ज्यादा होता है.
पिंक सॉल्ट खाने के क्या फायदे हैं?
पिंक सॉल्ट कम प्रोसेस्ड होता है, हालांकि इसमें आयोडीन नहीं होता है और सफेद नमक में आयोडीन अलग से मिलाया जाता है. अगर थायरॉयड और गलघोंटू जैसी बीमारी है तो सफेद नमक का सेवन करना ज्यादा लाभकारी है, क्योंकि थायरॉयड और गलघोंटू जैसे रोग आयोडीन की कमी से ही होते हैं, हालांकि सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए.
पिंक सॉल्ट के पेट के लिए क्या फायदे हैं?
पिंक सॉल्ट पचने में आसान होता है और सूजन को भी कम करने में मदद मिलती है, जबकि सोडियम की अधिकता से सफेद नमक सूजन का कारण बनता है और मांसपेशियों में पानी भरने के रोग का खतरा भी बना रहता है.
हृदय से जुड़े रोगों में सफेद नमक, पिंक साल्टकी तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि सोडियम की मात्रा उच्च होती है. ऐसे में मरीज पिंक सॉल्ट का सेवन कम मात्रा में कर सकते हैं. सेवन से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें.
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