राजस्थान सरकार ने पशुपालकों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली पहल की है. राज्य में पैर और मुंह की बीमारी (Foot and Mouth Disease - FMD) को खत्म करने के उद्देश्य से 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं के टीकाकरण का विशाल अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान न केवल पशुओं को खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा. पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने इस अभियान की शुरुआत जयपुर के पास बगरू स्थित रामदेव गौशाला से की. सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राजस्थान को इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त किया जाए. ऐसे में पशुपालकों के लिए यह समझना जरूरी है कि गर्मियों में पशुओं की देखभाल कैसे करें और टीकाकरण क्यों बेहद जरूरी है.
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क्या है पशुओं को होने वाली पैर और मुंह की बीमारी?
पैर और मुंह की बीमारी एक बहुत ही संक्रामक वायरल बीमारी है, जो गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं को प्रभावित करती है. इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार आता है और उनके मुंह, जीभ व खुरों पर छाले हो जाते हैं. इससे पशु कमजोर हो जाते हैं और दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है.
राजस्थान का 2 करोड़ टीकाकरण अभियान क्यों खास है?
- इस अभियान के तहत 2.32 करोड़ गाय और भैंसों को टीका लगाया जाएगा.
- पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर घर-घर टीकाकरण करेंगी.
- लक्ष्य है कि ज्यादा पशुओं को कवर कर राज्य को FMD मुक्त बनाया जाए.
- इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा.
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गर्मियों में पशुओं को किन बीमारियों का खतरा रहता है?
गर्मियों का मौसम पशुओं के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. इस दौरान कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है:
- हीट स्ट्रोक (लू लगना)
- डिहाइड्रेशन (पानी की कमी)
- स्किन इंफेक्शन और कीट जनित रोग
- FMD जैसी संक्रामक बीमारियां
गर्मियों में पशुओं की देखभाल कैसे करें?
- पशुओं को छायादार और ठंडी जगह पर रखें.
- दिन में 2–3 बार साफ और ठंडा पानी पिलाएं.
- समय-समय पर नहलाएं, खासकर भैंसों को.
- हरे चारे और बैलेंस डाइट का ध्यान रखें.
- पशुशाला को साफ और हवादार रखें.
वैक्सीनेशन क्यों है बेहद जरूरी?
- टीकाकरण से पशु गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं.
- संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है.
- दूध उत्पादन बना रहता है.
- पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाव होता है.