Parenting Tips: अगर बच्‍चा बात-बात पर देता है उल्‍टा जवाब, तो गुस्‍से से नहीं बनेगी बात, ऐसे करें हैंडल

अगर बच्‍चों को समय पर ना रोका जाए तो वे बदतमीजी तक करने लग जाते हैं. इस तरह की परेशानियों से निपटना किसी भी पेरेंट के लिए आसान नहीं है.

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कई बार बच्‍चे इतने जिद्दी हो जाते हैं कि किसी की बात ही नहीं सुनना चाहते. उनका गुस्‍सा और व्‍यवहार इतना खराब हो जाता है कि वे माता-पिता को हर बात का उल्‍टा जवाब देना शुरू कर देते हैं. शुरू-शुरू में पेरेंट्स को ये बिहेव समझ नहीं आता, वे इसके पीछे के कारण तलाशने का प्रयास करते हैं. पर जब बच्‍चे की ये आदत बढ़ जाती है तो माता-पिता के लिए ये सिरदर्द बन जाता है. क्‍योंकि अगर बच्‍चों को समय पर ना रोका जाए तो वे बदतमीजी तक करने लग जाते हैं. इस तरह की परेशानियों से निपटना किसी भी पेरेंट के लिए आसान नहीं है. लेकिन कुछ तरीके ऐसे हैं, जिससे बच्‍चे की खराब आदतों को कंट्रोल किया जा सकता है. 

बच्‍चा बात-बात पर जवाब दे तो माता-पिता क्‍या करें 

बच्‍चे की मानसिकता समझें 

बच्‍चे की मानसिकता आपसे कहीं अलग है. आप जो सोचते और करते हैं, बच्‍चा उतना मेच्‍योर नहीं है. वह जो भी करता है उसके पीछे कोई ठोस कारण होता है. इसलिए बच्‍चा इतना खराब व्‍यवहार क्‍यों कर रहा है, ये समझने की कोशिश्‍ करें. कहीं ऐसा तो नहीं कि बच्चा आपसे नाराज हो, या आपसे मन की बात ना कह पा रहा हो. कहीं वह स्‍कूल या दोस्‍तों की वजह से परेशान ना हो. वह मेंटली डिस्‍टर्ब तो नहीं हो रहा है. उसका गुस्सा आप पर क्‍यों निकल रहा है, ये जानें. 

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बच्‍चे को समय देना शुरू करें 

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेरेंट्स के पास बच्‍चों के लिए समय ही नहीं है. इससे बच्‍चे कई बार अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं. उनके पास ऐसा कोई नहीं होता, जिससे वे अपने दिल की बात कर सकें. इ‍सलिए बच्‍चे से बात करना शुरू करें. हो सकता है शुरुआत में वह आपसे ज्‍यादा बात ना करे, पर धीरे-धीरे बच्‍चे पेरेंट्स से खुलने लगते हैं. 

बच्‍चा जो बोले, उसे अच्‍छी तरह सुनें-समझें 

जब आप बच्चे से बात करना शुरू करेंगे, तो हो सकता है कि उसकी कई बातें आपके लिए बोरिंग हों. पर उसे ये एहसास ना होने दें कि आप बोर हो रहे हैं. वो जो भी बोलना चाहता है, उसे आराम से सुनें. उसके साथ दोस्‍ताना व्‍यवहार करें. इससे बच्‍चा वो बात भी शेयर कर पाएगा जिसे शायद वो शेयर ना कर पा रहा हो. पेरेंट्स को बच्‍चों के साथ बॉन्डिंग बनाना बहुत जरूरी है. 

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गुस्‍से से नहीं बनेगी बात 

कई बार जब बच्चा खराब व्यवहार करता है तो पेरेंट्स उसे डांटने लगते है या थप्‍पड़ तक लगा देते हैं. ये करने से बात और बिगड़ सकती है. बच्‍चे को तुरंत सजा देने की जल्‍दबाजी ना करें. उसे समझाएं कि उसका व्‍यवहार उचित नहीं है. वो पहले तो ऐसा नहीं करता था, अब क्‍या हो गया, इस तरह की बातों से उसे शांत करें. 

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