रात की रानी एक ऐसा पौधा है, जो अपने फूलों से ज्यादा अपनी मनमोहक खुशबू के लिए जानी जाती है. शाम होते ही रात की रानी के छोटे-छोटे फूल खिलने लगते हैं. इसकी खुशबू घर और आसपास के माहौल को बदल देती है. अगर, आप भी अपने बालकनी गार्डन या घर में इसकी खुशबू का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसे गमले में आसानी से उगा सकते हैं. हालांकि, इस पौधे की अच्छी बढ़त और खूब सारे फूलों के लिए सही गमला, मिट्टी, धूप और पानी का ध्यान रखना जरूरी है. चलिए आपको बताते हैं गमले में रात की रानी के फूल कैसे उगाएं, घर पर रातरानी का पौधा लगाने का आसान तरीका.
सही पौधा चुनें
रात की रानी को अंग्रेजी में नाइट-ब्लूमिंग जैस्मिन कहा जाता है, लेकिन यह असली चमेली नहीं होती. कई लोग इसे हरसिंगार यानी पारिजात समझने की गलती कर बैठते हैं, जबकि दोनों पौधे अलग-अलग हैं. इसलिए पौधा खरीदते समय यह ध्यान रखें कि आप सही रातरानी का पौधा ही ले रहे हैं, न कि उससे मिलती-जुलती कोई दूसरी प्रजाति.
सही आकार का गमला
रातरानी के पौधे के लिए ऐसा गमला लें, जो उसकी जड़ों के अनुसार बड़ा हो. गमले के नीचे पानी निकासी के लिए छेद जरूर होने चाहिए. इससे ज्यादा पानी आसानी से बाहर निकल जाएगा और जड़ें सड़ेंगी नहीं.
उपजाऊ मिट्टी
पौधे को लगाने के लिए मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. इसके लिए बगीचे की मिट्टी में गोबर की सड़ी हुई खाद और कोकोपीट मिलाई जा सकती है. गमले के सबसे नीचे सूखे पत्तों की एक परत बिछाने से मिट्टी हल्की रहती है और समय के साथ यह नेचुरल खाद का काम भी करती है.
पौधे को सही तरह से गमले में लगाएं
नर्सरी से लाए गए पौधे को पॉलीबैग से धीरे-धीरे निकालें ताकि उसकी जड़ों को नुकसान न पहुंचे. अगर जड़ों के आसपास मिट्टी अच्छी तरह जमी हुई है, तो उसे न छेड़ें. पौधे को गमले के बीच में लगाकर चारों ओर मिट्टी भर दें और हल्के हाथ से दबा दें.
पौधे के साथ लकड़ी की स्टिक लगाएं
रातरानी के नए पौधों की टहनियां अक्सर पतली होती हैं. ऐसे में पौधे के साथ एक लकड़ी की स्टिक लगाकर उसे हल्के से बांध दें. इससे पौधा सीधा बढ़ेगा और तेज हवा में टहनियां टूटेंगी नहीं. बाद में जब टहनियां मजबूत हो जाएंगी तो पौधा अधिक घना और सुंदर दिखाई देगा.
पानी का ध्यान रखें
रातरानी के पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. खासकर सर्दियों में तभी पानी दें जब मिट्टी ऊपर से सूखी महसूस हो. हमेशा मिट्टी की नमी जांचकर ही सिंचाई करें. अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है.
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