NASA के पूर्व एस्ट्रोनॉट ने की ताजमहल की सैर, भारत को लेकर कही यह बड़ी बात

नासा (NASA) के दो अंतरिक्ष अभियानों के अनुभवी माइक मासिमिनो ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है और वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं.

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माइक मासिमिनो और ब्रायन ग्रीन ने ताजमहल की सैर करते हुए अपनी प्रशंसा व्यक्त की है.
नई दिल्ली:

माइक मासिमिनो पूर्व नासा एस्ट्रोनॉट हैं जो हाल-फिलहाल भारत में हैं. माइक मासिमिनो और थियोरेटिकल फिजिसिस्ट, ऑथर और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मैथमेटिक्स के फ्रोफेसर ब्रायन ग्रीन भारत (India) आए हैं और देश के विज्ञान, शिक्षा और संस्कृति का अनुभव ले रहे हैं. अपनी भारत यात्रा के दौरान वे ताजमहल (Taj Mahal) भी घूमने निकले जहां उन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग और शिल्प कौशल में भारत की प्रगति के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की. इसी दौरान माइक मासिमिनो ने भारत को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया है. 

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शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति भारत के विशिष्ट दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए, ब्रायन ग्रीन ने वैश्विक प्रभाव डालने के लिए भारतीय छात्रों के उत्साह और महत्वाकांक्षा पर बात की. संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ब्रायन ग्रीन ने ताजमहल की अपनी यात्रा के दौरान कहा, "भारत में मैंने विज्ञान और नवाचार के प्रति जो जुनून देखा है, वह अद्वितीय है. यहां के छात्रों के बीच ऊर्जा और जिज्ञासा वास्तव में प्रेरणादायक है."

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माइक मासिमिनो ने भारत को अंतरिक्ष से तो देखा ही होगा, इस बार भारत की भूमि पर कदम रखकर उन्होंने कहा है कि "भारत जमीन से और ज्यादा खूबसूरत है." माइक ने ताजमहल के आसाधारण शिल्प कौशल की सराहना की और साथ ही इस अद्भुत इंजीनियरिंग और डिजाइन को समृद्ध विरासत का प्रमाण बताया है. 

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ब्रायन ग्रीन को सुपरस्ट्रिंग सिद्धांत में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है, जिसमें मिरर सिमेट्री की सह-खोज और स्थानिक टोपोलॉजी परिवर्तन की खोज शामिल है.

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नासा (NASA) के दो अंतरिक्ष अभियानों के अनुभवी माइक मासिमिनो ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है और वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं. मंत्रालय ने कहा कि अंतरिक्ष से ट्वीट करने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में, उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर 2002 और 2009 में हबल स्पेस टेलीस्कोप सर्विसिंग मिशन में.

अपने पूरे करियर के दौरान, मासिमिनो को कई नासा स्पेस फ्लाइट मेडल, नासा विशिष्ट सेवा मेडल और अमेरिकन एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी के फ्लाइट अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. वह वर्तमान में न्यूयॉर्क शहर में इंट्रेपिड सी, एयर एंड स्पेस म्यूजियम में अंतरिक्ष कार्यक्रमों के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं.

मंत्रालय ने कहा, "ग्रीन और मासिमिनो की ताजमहल यात्रा वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारत के बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है. उनकी यात्रा शिल्प कौशल में भारत की ऐतिहासिक उत्कृष्टता और विश्व मंच पर विज्ञान और नवाचार में इसकी तेजी से बढ़ती भूमिका के बीच एक पुल के रूप में कार्य करती है."

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