क्या उम्र को बढ़ने से रोका जा सकता है? जानें क्या कहना है साइंटिस्ट्स का

उम्र बढ़ना जीवन का सच है, लेकिन अब साइंस इसे धीमा करने की दिशा में काम कर रही है. जापान और अमेरिका के वैज्ञानिकों की रिसर्च बताती है कि कुछ खास प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं को फिर से जवान जैसी हालत में ला सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

अब तक हम सभी यह मानते थे कि उम्र का बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसे बदला नहीं जा सकता है. लेकिन साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि आज के समय में कुछ भी कर पाना संभव हैं.  पिछले कुछ सालों में साइंटिस्ट्स ने यह समझना शुरू किया है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया सेल्स के लेवल पर होती है. अगर सेल्स को हेल्दी और एक्टिव रखा जाए, तो शरीर लंबे समय तक फिट रह सकता है.

यामानाका फैक्टर्स क्या हैं

साल 2006 में जापानी वैज्ञानिक शिन्या यामानाका ने कुछ खास प्रोटीन खोजे, जिन्हें आज Yamanaka Factors कहा जाता है. ये प्रोटीन एडल्ट सेल्स को फिर से शुरुआती यानी जवान अवस्था में ले जाने की क्षमता रखते हैं. इस खोज के लिए यामानाका को नोबेल पुरस्कार भी मिला.

चूहों पर हुए एक्सपेरिमेंट

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट डॉ. डेविड सिंक्लेयर ने इन फैक्टर्स पर आगे रिसर्च की. उनकी टीम ने बूढ़े और अंधे चूहों पर एक्सपेरिमेंट किया. जब इन प्रोटीन को उनकी आंखों में दिया गया, तो कुछ समय बाद चूहों को दोबारा दिखने लगा. रिसर्च में यह भी सामने आया कि उनकी आंखों के साथ-साथ किडनी, लिवर और मसल्स की हालत भी बेहतर होने लगी.

इंसानों के लिए क्यों है खास

डॉ. सिंक्लेयर का मानना है कि आने वाले 10 सालों में ऐसी दवाएं या ट्रीटमेंट आ सकते हैं, जो उम्र बढ़ने के प्रोसेस को धीमा करने में मदद करें. हालांकि, अभी इंसानों पर इसका पूरी तरह इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है. वैज्ञानिक साफ कहते हैं कि 200 साल जीना फिलहाल हकीकत नहीं है, लेकिन हेल्दी लाइफ को लंबा किया जा सकता है.

Featured Video Of The Day
CM Yogi Singapore Visit: सिंगापुर की धरती से योगी ने दिया UP में मेगा निवेश का संदेश | NDTV India