क्या है Emotional Intelligence? किस तरह इसका इस्तेमाल कर बेहतर हो सकती है आपकी कम्यूनिकेशन स्किल

Emotional Intelligence Kya Hai: इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional intelligence) (जिसे EI या EQ यानी इमोशनल कोशेंट भी कहते हैं) दूसरों के साथ असरदार और अच्छे से बातचीत करने और रिश्ते बनाने के लिए भावनाओं को समझने, समझाने, दिखाने, कंट्रोल करने, उनका मूल्यांकन करने और इस्तेमाल करने की क्षमता है.

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क्या है Emotional intelligence? जानें क्यों है ये जरूरी

Emotional Intelligence Kya Hai: कभी-कभी जब हमारे सामने कोई सवाल आता है तो हम घबरा जाते हैं. अचानक सवाल पूछे जाने पर हमारे दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं या दिमाग में हलचल होती है. लेकिन इस मौके पर अगर आप थोड़ा सा पॉज करके सोचे और फिर शांति से जवाब दे तो इसे ही इमोशनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना कहते हैं. आइए जानते हैं कि इमोशनल इंटेलिजेंस क्या होता है और आप कैसे इसे बढ़ा सकते हैं.

इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब क्या होता है?

इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional intelligence) (जिसे EI या EQ यानी "इमोशनल कोशेंट" भी कहते हैं) दूसरों के साथ असरदार और अच्छे से बातचीत करने और रिश्ते बनाने के लिए भावनाओं को समझने, समझाने, दिखाने, कंट्रोल करने, उनका मूल्यांकन करने और इस्तेमाल करने की क्षमता है. भावनाओं को जाहिर करने और कंट्रोल करने की यह क्षमता ज़रूरी है, लेकिन दूसरों की भावनाओं को समझने, समझाने और उन पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि ज़िंदगी में सफलता के लिए इमोशनल इंटेलिजेंस, IQ से ज़्यादा ज़रूरी है.

हाल में मेंटल हेल्थ केयरिस्ट अरूबा कबीर ने इंस्टाग्राम पर एक्ट्रेस शहनाज गिल का एक वीडियो शेयर करते हुए इमोशनल इंटेलिजेंस की अहमियत तो समझाया. शहनाज का ये वीडियो किसी इवेंट के दौरान का है जिसमें पत्रकार उनसे उनके भाई को लेकर सवाल करते हैं. इस सवाल के जवाब में शहनाज पहले तो थोड़ा पॉज लेती हैं और फिर पूछती हैं आपको क्या लगता है? आखिर में वह बहुत ही सहजता से जवाब देती हैं.

क्या बोलीं एक्सपर्ट

मेंटल हेल्थ केयरिस्ट अरूबा कबीर का कहना है कि शहनाज ने इस सवाल को सुनने के बाद अपने इमोशनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया. किसी सवाल को सुनते ही हमारा ब्रेन हमें इस खुद को डिफेंड करने का संकेत देता है. ऐसे में घबराहट में खुद का बचाव करने के लिए हम कई बार ऐसा कुछ कह जाते हैं, जिसपर हमें बाद में पछतावा होता है. ऐसा करने के बजाय, सवाल को सुनने के बाद थोड़ा रुके. जवाब में सवाल पूछने वाले से पूछे कि आपने ऐसा क्यों पूछा या आप इस बारे में क्या सोचते हैं. इस तरह आपको भी सोचने का समय मिल जाता है. आप यहां अपना इमोशनल इंटेलिजेंस इस्तेमाल कर सकते हैं.

इमोशनल इंटेलिजेंस कैसे विकसित करें? | How Can You Develop Emotional Intelligence

सामने वाले को सुनें

अगर आप समझना चाहते हैं कि दूसरे लोग कैसा महसूस कर रहे हैं, तो पहला कदम ध्यान देना है. लोगों की बातों को सुनने के लिए समय निकालें, चाहे वे बोलकर बता रहे हों या बिना बोले. बॉडी लैंग्वेज में बहुत कुछ छिपा होता है. जब आपको लगे कि कोई व्यक्ति किसी खास तरह से महसूस कर रहा है, तो उन अलग-अलग कारणों पर विचार करें जो उस भावना में योगदान दे सकते हैं.

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हमदर्दी दिखाएं

भावनाओं को समझना जरूरी है, लेकिन हमें दूसरे के नज़रिए को सही मायने में समझने के लिए खुद को उनकी जगह पर रखकर देखना भी आना चाहिए. कल्पना करें कि आप उनकी स्थिति में कैसा महसूस करेंगे. ऐसी गतिविधियां हमें किसी खास स्थिति की इमोशनल समझ बनाने में मदद कर सकती हैं और साथ ही लंबे समय में मजबूत इमोशनल स्किल्स विकसित करने में भी मदद कर सकती हैं.

सोचें

भावनाओं के साथ तर्क करने की क्षमता इमोशनल इंटेलिजेंस का एक अहम हिस्सा है. सोचें कि आपकी अपनी भावनाएं आपके फैसलों और व्यवहार को कैसे प्रभावित करती हैं. सोचें कि कोई व्यक्ति ऐसा क्यों महसूस कर रहा है? क्या कोई ऐसे अनदेखे कारण हैं जो इन भावनाओं में योगदान दे सकते हैं? आपकी भावनाएं उनकी भावनाओं से कैसे अलग हैं? जैसे-जैसे आप ऐसे सवालों पर विचार करेंगे, आपको लग सकता है कि लोग कैसे सोचते और व्यवहार करते हैं, इसमें भावनाओं की भूमिका को समझना आसान हो जाता है.

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